12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आहत किसानों को मुआवजे के मलहम की दरकार, सपोटरा विधायक ने सीएम को लिखा पत्र

www.patrika.com

2 min read
Google source verification
karauli news

आहत किसानों को मुआवजे के मलहम की दरकार, सपोटरा विधायक ने सीएम को लिखा पत्र

करौली. गत दिनों फसलों पर बारिश से बरपे कहर से आहत किसानों को राहत प्रदान करने को लेकर सपोटरा विधायक रमेशचन्द मीना ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। विधायक ने पत्र में सरकार से सपोटरा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में खराब हुई बाजरा एवं तिली की फसल का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा व विशेष पैकेज देने की मांग की है।

विधायक के अनुसार सपोटरा में खरीफ की फसल तिल्ली अधिक बारिश के कारण पूरी तरह खराब हो चुकी है तथा बजारा की फसल को टिड्डी कीट ने नष्ट कर दिया है।

किसानों ने उन्हें बताया है कि क्षेत्र के अरोरा, कसेड़, कैमकच्छ, गुआरी, डांडा, रोंधई, चंदेली, मण्डरायल, करणपुर, सपोटरा में बजारा एवं तिली की फसलें खराब हुई हैं। सपोटरा क्ष्ज्ञेत्र के औडच, मसावता, रानेटा, जोड़ली, पहाड़पुरा, नारौली, चौड़ागांव, खानपुरा आदि में विशेष रूप से तिली की फसल अतिवृष्टि से खराब हुई है।

ऐसे में किसानों की स्थिति दयनीय हुई है। किसान फिर से कर्ज में आ गया है। इसके चलते विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों में फसल की गिरदावरी कराई जाकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। विधायक ्रने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि नुकसान से आहत किसानों के गांवों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए शीघ्र मुआवजा-विशेष पैकेज मिलना जरुरी है।

बारिश से तिल-बाजरे की फसल खराब
सपोटरा. क्षेत्र में बारिश से कई किसानों की तिल व बाजरे की फसल खराब हुई है। किसान राजाराम गुर्जर, प्रभु पटेल, रामसहाय मीना, बाबूलाल, हरकेश ने बताया कि सोमवार को तड़के चार बजे से तेज हवा के साथ करीब आधा घंटे तक तेज बारिश हुई। जिससे फसल आड़ी पड़ गई। बाजरे की फसल काटने लायक नहीं नहीं वहींं कडबी भी अब पशुओं के उपयोग में नहीं आएगी।

जटनगला. क्षेत्र के खेतों में कटी पड़ी बाजरा की फसल बारिश में भीग गई। एकाएक मौसम की तब्दीली से किसान खेतों में सूखने के लिए चहुुंओर फैली बाजारा की बालियों को न तो समेट सका और नही सकी तरीके ढकाव कर सका। शेरपुर गांव के किसान इंदर सिंह भरत सिंह, शैतानङ्क्षसह आदि ने बताया कि किसानों ने बालियों को एकत्र कर कड़ब व पल्लियों से ढंकने का प्रयास किया। लेकिन क्षेत्र में दो दिन से चल रही रिमझझिम बारिश के सोमवार को तेज होने से बालियां भीग गई। कई गांवों में तों बालियों के ढेर के नीचे से पानी बह बह निकला।