12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: बचाने गई SDRF, पर ग्रामीणों ने पानी से घिरे गांव को छोड़ने से किया इनकार; आबादी पर मंडराया संकट

Karauli News: काठड़ा गांव में पिछले 5 दिनों से बिजली की आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण अंधेरे के बीच जीवन यापन कर रहे हैं। क्षेत्र की बनास व मोरेल नदी के उफान पर होने से यह गांव टापू बना हुआ है।

2 min read
Google source verification
Kathra village became an island due to the overflowing of Banas river of ​​Karauli district

Karauli News: करौली जिले के सपोटरा हाडौती क्षेत्र की बनास व मोरेल नदी के उफान पर होने से काठड़ा गांव टापू बना हुआ है। काठड़ा गांव में पिछले 5 दिनों से बिजली की आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण अंधेरे के बीच जीवन यापन कर रहे हैं। बनास व मोरेल नदी के उफान पर होने से काठड़ा गांव में लगे बिजली के खम्भे बारिश के चलते धराशायी हो गए थे, जिससे गांव में बिजली का संकट बना हुआ है। काठड़ा गांव की करीब 400 की आबादी है। ग्रामीणों को रसद सामग्री में भी परेशानी हो रही है।

मौके पर पहुंचे विधायक, जानी समस्याएं

गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीना (MLA Hansraj Meena) काठड़ा गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए उन्हें रसद सामग्री उपलब्ध करवाई। विधायक ने लोगों को समस्याओं का निस्तारण के लिए आश्वस्त किया। ग्रामीणों ने बताया कि काठड़ा गांव मे बिजली आपूर्ति नहीं होने से समस्याएं बनी हुई है। विधायक हंसराज मीना ने गांव के लोगों को रसद सामग्री उपलब्ध करवाने व बिजली आपूर्ति के लिए बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने पंचायत समिति के विकास अधिकारी दीपक चौधरी को परिवार के अनुसार पर्याप्त मात्रा में रसद सामग्री उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए है। मौके पर पहुंचे पंचायत समिति के विकास अधिकारी दीपक चौधरी ने ग्रामीणों को 30 क्विंटल आटा व अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई।

यह भी पढ़ें : Jaipur Rain: जयपुर में शाम को एक घंटे तक बारिश, अगले तीन घंटे भारी बारिश का Orange Alert

SDRF की टीम ने लोगों को निकालने का किया प्रयास

एसडीआरएफ (SDRF) की टीम पहुंची हाडौती के समीप बनास नदी के बीचोबीच स्थित काठड़ा गांव के टापू बने होने की सूचना पर एक दिन अधिकारी व एसडीआरएफ की टीम काठड़ा गांव पहुंची और ग्रामीणों को निकालने के प्रयास किए, लेकिन ग्रामीण अपने घर और पशुओं को छोडऩे को तैयार नहीं हुए। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों से बिजली आपुर्ति को सुचारू कराने की मांग की है।