हिण्डौनसिटी.राज्य सरकार के कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे होने को हंै। शहर को बीते साढ़े चार साल में विकास की कई सौगातें मिली, लेकिन कई जनसमस्याएं जस की तस बनीं है। राजनीतिक हलकों में साल के अंंत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच अनदेखी रही जनसस्याओं के मद्दे भी चर्चा में आने लगे है। राजस्थान पत्रिका के ‘मेरा शहर-मेरा मुुद्दाÓ कार्यक्रम के तहत मोहन नगर मेंं क्षेत्रीय लोगों की बैठक हुई। जिसमें लोगों ने शहर में जलभराव की समस्या पर खुलकर चर्चा की। साथ ही निस्तारण के समुचित सुझाव भी दिए।
नगर परिषद के वार्ड 34 स्थित मंजू पैलेस में भारत विकास परिषद के अध्यक्ष अशोक गर्ग की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में नगर परिषद की ओर से उपसभापति लेखेंद्र चौधरी मौजूद रहे। वहीं करीब 3 दशक से सार्वजनिक निर्माण कार्यों के जुड़े संवेदक विष्णु गुप्ता ने जलभराव के समस्या पर तकनीक पक्ष रखे। स्टेशन रोड़ निवासी विक्रमसिंह तोमर ने कहा कि शहर में जलभराव होना बड़ी समस्या है। जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठ जलनिकासी का पुख्ता प्रबंध करना चाहिए। इसके लिए पक्ष और विपक्ष को एकराय हो कर खारी नाले संबंंध में बारिश से पहले ठोस निर्णय लेना चाहिए। ताकि आमजन परेशान नहीं हो। मोहन नगर स्थित शंकर आटा चक्की के पास निवासी सुरेश चंद गुप्ता ने कहा कि नालियों के कीचड़ से अटे होने से आमदिनों में भी सुगम जल निकासी नहीं है। बारिश के दिनों में यहीं समस्या के वृहद रूप लेती है। और पॉश कॉनोनियों में घरों में पानी घुस जाता है। कटरा बाजार के कम्बलबाल मार्केट के व्यापारी के रमेशचंद जमालपुरिया ने कहा कि कुछ देर की बारिश में बाजार में जलभराव हो जाता है। खारी नाले के पटाव में तकनीकि मानकों के अनदेखी काफी हद तक जिम्मेदार है। राजकीय चिकित्सालय के पास के निवासी धर्मेंद्र सिंह जाट ने कहा कि रोड क्रॉस नालों व नालियों के अवरुद्ध होने से जल निकासी ठप है। जलदाय विभाग के कार्मिक विनीत शर्मा ने कहा कि शहर की आबादी क्षेत्र के विस्तार के साथ डे्रेनेज सिस्टम विकसित नहीं किया। ऐसे में कमोबेश रह का हर इलकों की जलभराव की समस्या से ग्रस्त है। प्रियंका गैस एजेंसी के पास के निवासी डॉ. आनंद अग्रवाल ने शहर में विस्तार के मुताबिक खारी नाले के आलावा जलनिकासी के दूसरे प्रबंध तय करते चाहिए। भारत विकास परिषद के पवनकुमार ऐरन व व्यापारी सतीश अग्रवाल ने कहा कि नालियों की नगर परिषद को सफाई करानी चाहिए, लेकिन लोगों को भी सीधे कचरा न डालकर इनको साफ रखने में सहयोगी योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में सुनील जैन, सोनू बेनीवाल, मनीष बंसल सहित अन्य लोगों ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष अशोक गर्ग ने समस्या के निराकरण के लिए स्थानीय निकास के साथ पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग आदि से सहयोग लेने की बात कही।
निर्माण में मिले तकनीकि सपोर्ट-
कई दशक से सार्वजनिक निर्माण कार्य कर रहे विष्णु गुप्ता ने कहा नियमित तकनीकि निगरानी नहीं होने से निर्माण में खामियां रह जाती है। जो आगे परेशानी का सबब बनती है। सड़क और नाली निर्माण के दौरान संबधित विभाग के इंजीनियर कार्य का तकनीकि मानकों पर निरीक्षण होना चाहिए। जिससे सुगम जल निकासी हो सके।
जलभराव वाले स्थानों पर लगें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम-
चर्चा के दौरान डॉ.आनंद अग्रवाल, विक्रम तोमर ने जल निकासी की व्यवस्था के साथ जल भराव वाले स्थानों पर वाटर हार्वेस्ंिटग सिस्टम बनाने का सुझाव दिया। जिससे शहर को भूजल स्तर भी रिचार्ज हो सके। इसके लिए आधा दर्जन स्थान भी बताए गए।
डे्रनेज सिस्टम में करेंगे सुधार-
नगर परिषद के उपसभापति लेखेंद्र चौधरी ने कहा कि मेरा शहर मेरा मुद्दा कार्यक्रम में शहर में जलभराव की समस्या पर चर्चा हुई। लोगों नेे सार्थक सुझाव भी दिए। बारिश में जलभराव की समस्या से बचने के लिए शहर के डे्रेनेज सिस्टम को सुद्रढ़ किया जाएगा। साथ ही जल्द ही सभापति से चर्चा कर वृहद कार्य योजना तय की जाएगी।