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अजब-गजब: चार माह में पांच बार बुलाई बैंकर्स की बैठक, एक माह पहले लोन के लिए भेजे 691 प्रकरण, एक भी नहीं हो पाया स्वीकृत

गरीबों व जरुरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना अब भी दूर का सपना बनी हुई है। 2019 में पूरे आवास बनाकर आवंटित कर दिए जाने थे, लेकिन जानकर ताज्जबु होगा कि नगर निगम व जिला प्रशासन द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण एक भी हितग्राही को योजना का लाभ नहीं मिला।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 12, 2020

Banks are not approving loans of PM Awas Yojana in Katni

Banks are not approving loans of PM Awas Yojana in Katni

कटनी. गरीबों व जरुरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना अब भी दूर का सपना बनी हुई है। 2019 में पूरे आवास बनाकर आवंटित कर दिए जाने थे, लेकिन जानकर ताज्जबु होगा कि नगर निगम व जिला प्रशासन द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण एक भी हितग्राही को योजना का लाभ नहीं मिला। एक ओर जहां निर्माण कार्य में देरी चल रही है तो वहीं बैंकों का रुख सकारात्मक न होने से योजना पर पानी फिर रहा है। बता दें कि गरीबों व जरुरतमंदों को बैंकों से ऋण स्वीकृत कराकर आवास मुहैया कराने हैं, इसके लिए एचडीएफसी, आइसीआइसीआइ, एसबीआइ सहित अन्य बैंक को ऋण स्वीकृत करना है, लेकिन सभी बैंकों का महात्वाकांक्षी योजना पर सकारात्मक रुख नहीं है। बता दें कि एक माह पहले 492 झिंझरी के और 199 केस प्रेमनगर के भेजे गए हैं, लेकिन अबतक एक भी प्रकरण बैंकों से स्वीकृत नहीं हो पाया।

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यह है निर्माण की स्थिति
बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्रथम चरण झिंझरी में 1212 आवासों का निर्माण होना है, इसमें 792 इडब्ल्यूएस, 384 एलआइजी, 336 एमआइजी के बनने हैं। अभी 40 फीसदी भी काम नहीं हुआ, जबकि 30 मई 2019 को यह काम खत्म हो जाना था। इसी तरह द्वितीय चरण प्रेमनगर में 2800 आवासों का निर्माण होना है। इसमें 1744 इडब्ल्यूएस और 1056 एलआइजी के बनने हैं, लेकिन अभी यहां पर 60 फीसदी भी काम नहीं हो पाया। प्रेमनगर में कल्याण टोल इन्फ्रास्ट्रक्चर व झिंझरी में बीआरपी एसोसिएट द्वारा काम कराया जा रहा है। ठेकेदार स्तर पर भी प्रगति बेहतर नहीं है।

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बैठकों के बाद भी नहीं प्रगति
पीएम आवास में प्रगति के कलेक्टर शशिभूषण सिंह, नगर निगम आयुक्त आरपी सिंह चार माह में पांच बार बैंकर्स की बैठक बुला चुके हैं, एक बार नगर निगम में मेले का भी आयोजन किया जा चुका है, इसके बाद भी प्रगति नहीं दिख रही। 1200 लोगों को अटैचमेंट करा दिया गया है, 20 हजार रुपये प्रथम किश्त हितग्राही जमा कर चुके हैं। अब नगर निगम द्वारा दावा किया जा रहा है कि मार्च में प्रेमनगर में 420 इडब्ल्यूएस फेज 2 में झिंझरी में मार्च तक 272 आवास बन जाएंगे।

इनका कहना है
बैंकों को ऋण स्वीकृति के लिए एक माह पहले 600 से अधिक प्रकरण भेजे गए हैं। बैंकर्स द्वारा हितग्राहियों के आय प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं, जबकि गरीबों के ही प्रकरण स्वीकृत होने हैं। बैठकों में लगातार चर्चा के बाद भी बैंकों का रुख सकारात्मक नहीं है।
शैलेंद्र शुक्ला, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए काम तेजी से चल रहा है। बैंकर्स की बैठक लेकर ऋण स्वीकृति के लिए प्रक्रिया कराई गई है। ढाई सौ से अधिक प्रकरण स्वीकृत हो गए हैं। अधिक जानकारी अधीक्षण यंत्री ही दे पाएंगे।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।

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