25 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये हैं महिला कृषि उद्यमी, प्रशिक्षण में सीखी ये खास बातें

जो प्रशिक्षण में सीखा है उसे जीवन में उतारें। संगठन में शक्ति है। हम सभी समूह, कई लोग एक साथ मिलकर कार्य करेंगे तो बाजार एवं व्यापार में सुविधा होगी। यह बात जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) नाबार्ड एम धनेश ने मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला द्वारा ग्रामीण स्वारोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरसेटी कटनी के सहयोग से आयोजित महिला कृषि उद्यमी प्रशिक्षण के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। जिला परियोजना प्रबंधक मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन शबाना बेगम ने गोबर, गौमूत्र एवं जैविक खादों के महत्व को बताया।

2 min read
Google source verification

कटनी

image

Balmeek Pandey

Jul 31, 2019

Employment training given to women

Employment training given to women

कटनी. जो प्रशिक्षण में सीखा है उसे जीवन में उतारें। संगठन में शक्ति है। हम सभी समूह, कई लोग एक साथ मिलकर कार्य करेंगे तो बाजार एवं व्यापार में सुविधा होगी। यह बात जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) नाबार्ड एम धनेश ने मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला द्वारा ग्रामीण स्वारोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरसेटी कटनी के सहयोग से आयोजित महिला कृषि उद्यमी प्रशिक्षण के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। जिला परियोजना प्रबंधक मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन शबाना बेगम ने गोबर, गौमूत्र एवं जैविक खादों के महत्व को बताया। ग्रामों में निर्माण होने वाली गौशालाओं से समूहों को मिलने वाले लाभ को भी बताया। प्रभारी जिला प्रबंधक कौशल उन्नयन एवं रोजगार मप्र राज्यन ग्रामीण आजीविका मिशन राम सुजान द्विवेदी ने कहा कि हम सभी अपने घरों से कार्य प्रारम्भन करें। हमने जो कुछ सीखा है उसका प्रयोग करेगें तभी आत्म निर्भर बन सकते हैं। सभी अब अपने-अपने घरों में पोषण वाटिका बनाएं, ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण कराएं। जैविक खादों का प्रयोग करें तभी बदलाव आएगा। अंकिता मरावी ने महिलाओं को गतिविधियों से जुड़कर लाभ लेने की बात कही।

पॉलीटिकल ड्रामा: काली स्याही फेंकने व नारेबाजी पर महापौर ने किया शुद्धि यज्ञ, कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा चार साल के पाप का शुद्धिकरण, देखें वीडियो

मिला इन कामों का प्रशिक्षण
प्रशिक्षणार्थी अंजना सिंह ठाकुर, उमा ठाकुर बहोरीबंद, ममता ठाकुर, सुमन तिवारी रीठी, सरोज पटेल, सुमन केवट विजयराघवगढ़, ममता विश्वककर्मा बड़वारा ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी बातों का अनुभव साझा किए। जैविक खाद, जैविक कीटनाशकों का निर्माण, केंचुआ खाद, हरी खाद निर्माण, परम्पारागत खेती के साथ फूलों, फलों की खेती, बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने सींग खाद का निर्माण, रासायनिक खाद एवं जैविक खाद में अंतर बीज एवं अनाज में अंतर, मधुमक्खीम पालन, मछली पालन आदि की जानकारी दी गई।

बच्चों की सेहत संवारने बड़ी बेपरवाही: 'दूध' के लिए सवा माह से तरस रहे 70 हजार 'नौनिहाल'

22 प्रतिभागियों ने लिया भाग
संचालक आरसेटी केके राय ने बताया कि इस प्रशिक्षण में आजीविका मिशन के सहयोग से 22 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्नन विषय विशेषज्ञों जिनमें जिला परियोजना अधिकारी उद्यानिकी वीरेन्द्रव सिंह, कृषि वैज्ञानिक एसके सिंह, जैविक कृषि पाठशाला नैगवां के संचालक राम सुख दुबे, विकासखण्ड प्रबंधक आजीविका मिशन विजयराघवगढ़ ईश्ववर चन्द त्रिपाठी ने विभागों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। इसी दौरान प्रशिक्षणार्थियों को जिला पंचायत कटनी में बने रूफ टॉप गार्डन में जैविक कीटनाशक एवं जैविक खादों का प्रयोग कराया गया। ग्राम भनपुरा 2 में फूलों एवं फलों की खेती का एक्ससपोजर कराया गया।