कहते हैं कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं होता है, लेकिन कुछ लोगों ने मोटी कमाई करने के चक्कर में कन्याओं को भी नहीं छोड़ा।
कटनी. कमीशन का खेल और मोटी कमाई करने के चक्कर में कुछ लोगों ने कन्याओं को ही नकली मंगलसूत्र थमा दिए, कहते हैं कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं होता है, लेकिन कुछ लोगों ने मोटी कमाई करने के चक्कर में कन्याओं को भी नहीं छोड़ा।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत विजयराघवगढ़ जनपद में आयोजित समारोह में दुल्हनों के उपहार में मिलावट कर दी गई। वधुओं ने जेवर देखे तो वे हतप्रभ रह गईं। आरोप लगाया है कि उन्हें चांदी के जेवर मिलने थे, लेकिन गिलट के थमा दिए। वधुओं ने आवाज उठाई, लेकिन अफसरों ने चुपचाप विवाह समारोह संपन्न करा लिया। समारोह के छह दिन बाद शनिवार को सोशल मीडिया पर गड़बड़झाले का वीडियो वायरल हुआ। अब जिले के अधिकारी जांच कराने की बात कह रहे हैं।
विजयराघवगढ़ जनपद पंचायत ने 13 मार्च को 49 जोड़ों का पंजीयन होने के बाद 46 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया। कैमोर में भी 10 जोड़ों का विवाह हुआ। सम्मेलन में कई जोड़ों ने नकली जेवर मिलने का आरोप लगाया है। वधुओं ने कहा कि यह बेटियों के सुहाग के गहने होते हैं, लेकिन अफसरों ने मिलीभगत कर इसमें भी सेंध लगा दी।
उज्जैन के ठेकेदार ने किए सप्लाई
बड़वारा जनपद के एक्सीलेंस खेल मैदान में समारोह हुआ था। इसमें 71 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। यहां भी लोगों ने गुणवत्ताहीन सामान देने का आरोप लगाया। योजना के तहत जेवर की सप्लाई के लिए जैम पोर्टल से टेंडर हुए थे। महालक्ष्मी पात्र भंडार उज्जैन ने जेवर सप्लाई किए। जिपं सीईओ शिशिर गेमावत ने बताया, शिकायत की जांच होगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।