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बाल विवाह रोकना है तो हम सबको आना होगा आगे

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह रोकने के लिए चलाया जा रहा जागरुकता अभियान  

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Child Marriage

कार्यक्रम में मौजूद लोग।

कटनी. बाल विवाह रोकना है तो हम सबको आगे आना होगा। जागरुक होना पड़ेगा। तभी बाल विवाह को रोका जा सकता। यह बात महिला एवं बाल विकास विभाग ढीमरखेड़ा परियोजनाधिकारी आरती यादव ने कही। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाडो का कम उम्र में विवाह न हो। बाल विवाह रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को ढीमरखेड़ा परियोजना ंअंतर्गत उमरियापान और मनेहर आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यषाला को संबोधित करते हुए परियोजना अधिकारी ढीमरखेड़ा आरती यादव कहा कि आपके आस पडोस में कोई बाल विवाह हो रहा हो तो इसे रोकने में शासन का सहयोग प्रदान करे। बाल विवाह रोकना या इसे हत्तोत्साहित करना हर समझदार और कानून प्रिय व्यक्ति की जिम्मेदारी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम अंतर्गत विवाह हेतु लडकी की उम्र 18 वर्ष एवं लडके की उम्र 21 वर्ष होना अनिवार्य है। इससे कम उम्र में विवाह करने पर 2 वर्ष का कारावास एवं 1 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों से दंडित करने का प्रावधान है। आंगनबाड़ी केंद्रों के अलावा उमरियापान के एक निजी स्कूल में भी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रविशंकर गौतम, शैलजा पाण्डेय, धनंजय दुबे, प्रिंसी चौरसिया, ओमषी तिवारी, संध्या यादव, मोहिनी रजक, कृष्ण शर्मा, अनुराधा चौबे, अनीता प्रधान मौजूद रहे।

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