कटनी। तीन दिन पहले एक गर्भवती को अस्पताल से भगाने के मामले में दोषी स्टाफ नर्स को सीएमएचओ डॉ. अशोक चौदहा ने शुक्रवार को बर्खास्त करते हुए नोटिस थमा दिया है। जांच के दौरान नर्स को दोषी पाया गया है। सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों ने पहले मामले को दबाने का प्रयास किया था, लेकिन मामला वरिष्ठ अधिकारियेां के पास पहुंचने के चलते कार्रवाई करनी पड़ी। गर्भवती को अस्पताल से भगाया, तालाब किनारे हुई डिलेवरी ...देखें लाइव वीडियो...
चोरी का इल्जाम लगाकर अस्पताल से भगाई गई गर्भवती ने तालाब की मेढ़ पर शिशु को जन्म दिया। मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाली यह घटना बरही की है। जानकारी के मुताबिक कुदरई निवासी जानकारी पति चंद्रभान पटेल २२ वर्ष को प्रसव पीड़ा के चलते परिजनों ने मंगलवार की शाम करीब ७.३० बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरही में भर्ती कराया था। उस समय अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। जिस वार्ड में जानकी को भर्ती कराया गया वहां किसी अन्य मरीज के पैसे चोरी हो गए थे।
ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने जानकी व परिजनों पर चोरी का इल्जाम लगा दिया और चेतावनी दी कि यदि पैसे वापस नहीं लौटाए तो इस अस्पताल में प्रसव नहीं कराया जाएगा। रात भर दर्द से छटपटाती जानकी की हालत देखकर पति चंद्रभान ने किसी और अस्पताल में जाने का निर्णय लिया। बुधवार की सुबह करीब ९ बजे दंपति पैदल ही अस्पताल से निकल पड़े। कुछ दूर पैदल चलने के कारण प्रसव पीड़ा बढ़ गई और जानकी बरही बस स्टैण्ड के पास स्थित तालाब के चबूतरे पर बैठ गई।
जानकी की हालत की जानकारी मिलते ही आसपास के कुछ लोग वहां जमा होने लगे। इसी बीच पिपरिया आंगनबाड़ी केन्द्र मेंं पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को राह चलते जानकी की हालत का पता चला। उन्होने चादर की आड़ में तालाब के किनारे प्रसव कराया। जानकी ने सामान्य प्रसव से स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया। बाद में एम्बुलेंस की सहायता से जच्चा व बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरही में भर्ती कराया गया।