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Teacher’s Day: ऐसे शिक्षकों को सलाम जो नवाचार से बदल रहे बच्चों का भविष्य, छोड़ रहे अलग छाप

- पैरेंट्स भले ही बच्चे को उंगली पकड़कर चलना सिखाते हों, पर एक शिक्षक उसे ठोकर खाने से पहले ही संभलना सिखाता है...। बच्चे की अच्छी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दुआ करते हैं, जुगाड़ करते हैं, लेकिन एक शिक्षक इन दुआओं में असर लाता है। यही कारण है कि भगवान ने शिक्षक या गुरु को खुद से भी बड़ा दर्जा देने की सीख दी है। गुरु की इसी महिमा के सम्मान में दुनियाभर के देशों में अलग-अलग दिन शिक्षक दिवस या टीचर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है। उपहार स्वरूप उन्हें बच्चे कभी पेन-डायरी तो कभी अन्य उपहार देते है
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कटनी

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Balmeek Pandey

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Updated: 6 Sep 2019, 12:11 PM IST

Story of special teachers in Teacher's Day

Story of special teachers in Teacher's Day

कटनी. पैरेंट्स भले ही बच्चे को उंगली पकड़कर चलना सिखाते हों, पर एक शिक्षक उसे ठोकर खाने से पहले ही संभलना सिखाता है...। Teacher's Day बच्चे की अच्छी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दुआ करते हैं, जुगाड़ करते हैं, लेकिन एक शिक्षक इन दुआओं में असर लाता है। यही कारण है कि भगवान ने शिक्षक या गुरु को खुद से भी बड़ा दर्जा देने की सीख दी है। Teacher's Day 2019 गुरु की इसी महिमा के सम्मान में दुनियाभर के देशों में अलग-अलग दिन शिक्षक दिवस या टीचर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है। उपहार स्वरूप उन्हें बच्चे कभी पेन-डायरी तो कभी अन्य उपहार देते हैं और सम्मान करते हैं। पांच सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन की याद में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। ऐसे दिवस पर हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे शिक्षकों के बारे में जो शिक्षा जगत में अलग ही छाप छोड़ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर स्कूल की व्यवस्था को बदलकर रख दिया है। आज बच्चे न सिर्फ उन्हें सलाम करते हें बल्कि अभिभावक भी प्रशंसा करते हैं। शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान भी मिला है।

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प्रयोग से पढ़ाई को बनाया आसान
शासकीय कन्या माध्यमिक शाला रीठी में पदस्थ शिक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता शिक्षा के क्षेत्र में अलग छाप छोड़े हुए हैं। विज्ञान के शिक्षक होने के नाते साइंस में विशेष रुचि है। छठवी से आठवीं तक पुस्तकों के सभी प्रयोग बच्चों को कराते हैं। सरल से सरल विधि से समझाने का प्रयास करते हैं। इस नवाचार के लिए राज्य स्तरीय सम्मान के लिए चयन हुआ। विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए बागवानी, पेड़-पौधे लगाना, सोशल मीडिया में भी नवाचार के वीडियो डालते हैं, ताकि अन्य बच्चे भी सीख सकें।

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उपस्थिति व उपलब्धि पर काम
माध्यमिक शाला खड़ौला में पदस्थ शिक्षक राकेश सिंनरकर भी शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास कर रहे हैं। आसपास की खोज योजना में विशेष काम कर रहे हैं। कृषि संसाधन, परंपरागत संसाधन और आधुनिक संसाधन के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराते हैं। साइंस पार्क में बच्चों की शिक्षा, दक्षता उन्नयन के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। बच्चों को विशेष तरीके से परिपक्व कर रहे हैं। उपलब्धि और उपस्थिति बढ़ाने विशेष काम करने पर शिक्षा के क्षेत्र में विशेष सम्मान है।

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प्रोजेक्ट से बच्चों की पढ़ाई
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कैलवारा कला में पदस्थ शिक्षक मनमोहन बैरागी भी अपने कर्तव्य क्षेत्र में अलग छाप छोड़ रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में प्रोजेक्ट वर्क क माध्यम से अध्यापन कराने का काम कर रहे हैं। हर चैप्टर को प्रोजेक्टर से पढ़ाकर पै्रक्टिकल कराते हैं, जिससे बच्चों को आसानी से समझ आ जाता है और वे उसे जीवन में उतारते हैं। तीन साल से यह प्रसास जारी है। साथ ही स्वच्छता में विशेष साफ-सफाई के लिए इन्हें जाना जाता है।

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शिक्षा के साथ बागवानी
ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के गौरा माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक महेंद्र सिंह बच्चों का भविष्य संवारने जुटे हैं। बेहतर शिक्षा, संगीत की शिक्षा के साथ बागवानी को लेकर खास पहल की है। प्रदेश का पहला विद्यालय है जहां शिक्षा के साथ संगीत की शिक्षा दी जाती है। शिक्षक ने निजी खर्चे से शासकीय विद्यालय में निजी स्कूलों जैसी व्यवस्था बनाई है। इसके लिए उन्हें विशेष सम्मान भी मिला है।

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बच्चों ने बढ़ाया जिले का मान
गुरु विद्यादान से बच्चों के भविष्य को उज्जव बनाता है। उन्हीं में शामिल हैं तिलमन स्कूल में पदस्थ रहे शिक्षक मंगल दिन पटेल। इनका नाम उन दिनों सुर्खियों में आया था जब माध्यमिक शाला तिलमन के 11 बच्चे जूनियर ओलंपियाड गणित की परीक्षा में पास हुए थे। शिक्षक की सरल तरीके से गणित विषय पढ़ाने को लेकर तत्कालीन कलेक्टर विशेष गढ़पाले के द्वारा सम्मानित करने के बाद राज्यपाल के द्वारा सम्मानित किया गया।

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रिजल्ट के साथ व्यवस्था सुधार
उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक शाला बड़वारा के प्रभारी प्राचार्य जुगल किशोर चौरसिया जो शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने के प्रयास में जुटे हैं। स्कूल में अध्ययन करने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा, साफ-सफाई और संकुल की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जाना जाता है। शिक्षक ने उस समय क्षेत्र का मान बढ़ाया जब एक नहीं बल्कि बोर्ड के रिजल्ट में जिले की टॉप टेन सूची में एक नहीं बल्कि 4 बच्चे शामिल हुए।

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दक्षता संवर्धन पर फोकस
स्कूल में बेहतर एक्टिविटी और दक्षता संवर्धन के लिए शिक्षिका शालिनी तिवारी का नाम भी शिक्षा जगत में सुर्खियों में है। माध्यमिक शाला कछगवां में पदस्थ शिक्षिका शालिनी तिवारी बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए नित नए प्रयोग करती हैं। इन दिनों स्कूली बच्चों से न्यूज पेपर कटिंग का वाचन करते हैं, सुविचार बोलने की परंपरा के साथ दक्षता संवर्धन के लिए विशेष काम कर रही हैं। इसके अलावा एक्टिविटी पर फोकस कर रही हैं, ताकि बच्चे आसानी से सीख सकें।