
There is no way to protect yourself from fire accidents in Katni city
कटनी. दिल्ली के गल्लामंडी क्षेत्र में आगजनी की घटना के बाद शहर में इमरजेंसी के दौरान होने वाले उपायों पर सवाल उठ रहे हैं। जिला मुख्यालय में कई ऐसे बाजार हैं जहां हर माह अरबों रुपये का कारोबार हो रहा है। इन बाजार में अगर सुरक्षा उपायों की बात की जाए तो जिम्मेंदारों की बेपरवाही का आलम यह है कि जरुरत पडऩे पर कई गलियों में फायर ब्रिग्रेड का वाहन ही नहीं घुस पाएगा। पत्रिका ने सोमवार को शहर के अधिकांश मार्केट की रिएल्टी चेक की तो लापरवाही कई उदाहरण सामने आए। शहर के बाजारों में फायर फाइटिंग का इंतजाम तो छोडि़ए, फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों के पहुंचने के लिए रास्ता तक नहीं है। लापरवाही ऐसी कि एक चिंगारी ही सबकुछ खाक कर दे। नगर निगम के पास नियम विरुद्ध निर्माण करने वालों की सूची तो है, लेकिन ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए हाथ पांव कांप रहे हैं।
शहर में यह है प्रतिष्ठानों की स्थिति
- कपड़ों की छोटी-बड़ी दुकान व शोरूम-12000
- फुटवयेर की दुकान व शोरूम-250
- सराफा के छोटे-बड़े प्रतिष्ठा-140
- परचून और जनरल स्टोर-900
- तेल-घी के गोदाम व दुकान-40
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण- 580
- छोटे-बड़े होटल व लॉज-80
इन स्थानों पर अधिक समस्या
- पुराना कमानिया गेट से सब्जी मंडी मोड़ तक फैला मार्केट।
- बिलैया तलैया मोड़ से लेकर कारकिल चौक तक का माकेर्ट।
- गोलबाजार से लेकर कारगिल चौक तक का मार्केट।
- सुभाष चौक से लेकर कांच मंदिर तक का मार्केट।
- झूलेलाल मार्केट एरिया सब्जी मंडी रोड गुरुनानक वार्ड।
- सालीमार मार्केट स्टेशन चौराहा के समीप।
- मिर्चीमल गली मुख्य मार्ग स्टेशन रोड।
- कारगिल चौक से गजानन टॉकी रोड।
- झंडा बाजार एरिया संतोषी माता मंदिर के आसपास।
- कपड़ा मार्केट सुभाष चौक ऑटो स्टैंड के समीप।
- घंटाघर से लेकर चांडक चौक तक गलियों का मार्केट।
- सुभाष चौक से आजाद चौक तक गलियों में फैला मार्केट।
नियमों को ताक पर रखकर कारोबार:
तंग गलियों में बनी दुकानों में बड़े व छोटे अग्निशमन वाहन नहीं पहुंच सकेंगे। प्लास्टिक, तेल-घी, माचिस, परचून, फुटवेयर, कपड़ा, सहित कई ज्वलनशील चीजों से बाजार अटा पड़ा है। दुकानों, गोदामों में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं है। बेसमेंट में भी धड़ल्ले से नियमों को ताक में रखकर गोडाउन के स्थान पर शोरूम संचालित हो रहे हैं। गिनी-चुनी दुकानों पर फायर इस्टिंग्यूशर की व्यवस्था है। मार्केट में तारों के फैले जाल से रोजाना शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है। सड़क पर पार्किंग, इमरजेंसी के दौरान बच निकलने की जगह का अभाव रहता है।
इन नियमों का पालन जरुरी
- जल्दी निकासी के लिए अतिरिक्त सीढिय़ों का प्रावधान।
- हर 30 मीटर में हर मंजिल और आंगन पर अग्नि हाइड्रेंट।
- हर कमरे में और पार्किंग क्षेत्र में आग बुझाने वाले यंत्र।
- एलेवेटर, लॉबी और सीढिय़ों में सार्वजनिक पता प्रणाली।
- हर बड़ी मंजिल पर रिफ्यूज क्षेत्र का होना जरुरी।
- हीटहर रसोई में सेंसर का प्रयोग।
- हर वैकल्पिक तल पर आग से बचने के लिए व्यवस्था।
- आगजनी से निपटने के लिए डीजल जनरेटर बैक-अप।
- प्रत्येक मंजिल, विद्युत मीटर के कमरे और लिफ्ट मशीन कमरे में पोर्टेबल आग बुझाने वाले।
- विद्युत मीटर के कमरे में धुआं डिटेक्टर, प्रत्येक मंजिल पर मशीन कमरे और लिफ्ट लॉबी, मुख्य द्वार द्वार पूरी तरह से आग प्रतिरोधी होना चाहिए।
- मार्गों में अग्निरोधी निर्माण होना चाहिए और इसके आस-पास कोई ज्वलनशील सामग्री नहीं होनी चाहिए।
- सीढिय़ों धूम्रपान से मुक्त रखने के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएं।
- अपार्टमेट्स को लिंक करने वाले मार्ग और नलिकाओं को मॉनिटर किया जाना चाहिए, क्योंकि किसी भी प्राथमिकीई इनके माध्यम से फैल सकता है।
- आग अलार्म और आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था को नियमित रूप से निरीक्षण और बनाए रखा जाना चाहिए।
इनका कहना है
तय नियम के अनुसार ही मार्केट में कारोबार हो, इसके लिए प्रयास करेंगे। सभी जगह आसानी से फायर ब्रिगेड पहुंचें और नियमों का पालन हो इस पर ध्यान दिया जाएगा।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।
Published on:
11 Dec 2019 12:06 pm

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