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जमीन खाली करवाने के लिए बैगा परिवारों के साथ मारपीट, नाराज बैगा पहुंचे कलेक्ट्रेट

50 से अधिक बैगा परिवार पिछले 20 वर्षों से निवासरत है।

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जमीन खाली करवाने के लिए बैगा परिवारों के साथ मारपीट, सैकड़ों नाराज बैगा पहुंचे कलेक्ट्रेट

कवर्धा. छत्तीसगढ़ के पंडरिया विकासखंड के ग्राम नागांडबरा व ताड़ीडाहरा में प्रशासन द्वारा कुछ ही बैगा परिवारों को जमीन का पट्टा दिया गया है। बाकि बैगा वर्षों से इस स्थान पर निवास कर रहे हैं। लेकिन मंगलवार को एसडीएम, पुलिस प्रशासन व वन विभाग के कर्मचारियों ने इन बैगाओं के आवास को तोड़ दिया और बैगाओं के साथ मारपीट किया गया। जिससे नाराज सैकड़ों बैगा कलेेक्ट्रेट पहुंच गए।

पंडरिया विकासखंड व तरेंगांव थाना अंतर्गत ग्राम नागाडबरा व ताडीडाहरा में 50 से अधिक बैगा परिवार पिछले 20 वर्षों से निवासरत है। गांव के कामू बैगा, छत्तरसिंह, पतिराम बैगा, शिवप्रसाद सिंह, कमल सिंह ने बताया कि वर्षों से इस स्थान पर रह रहे हैं, लेकिन आज तक पट्टा नहीं दिया गया है। वर्षों से इस स्थान पर खेती किसानी भी कर रहे हैं। लेकिन 3 जुलाई मंगलवार को एसडीएम व वन विभाग के कर्मचारियों ने जाकर गांव जाकर 46 बैगा परिवार के पक्की व कच्ची मकान को तोड़ दिया गया।

वहीं मना करने वाले बैगाओं के साथ पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मारपीट भी किया। इससे कई को चोटे भी आई। इससे बैगा परिवार पट्टे की मांग किए हैं। वहीं बैगाओं ने बताया कि जमीन के नाम पर बैगाओं को अलग किया जा रहा है। पट्टा के लिए बैगाओ को दूसरे दूसरे स्थान भेजा जा रहा है।जहां खेती तक नहीं कर सकते हैं। इससे बैगा परिवार अधिक परेशान है।

बैगाओं ने कलक्टर को ज्ञापन सौपकर कहां कि प्रदेश सरकार ने बैगाओं को पट्टा देने की योजना बनाई है, लेकिन कबीरधाम जिले में आज तक बैगाओं को पट्टा नहीं दिया गया है। इसके कारण बैगा परिवार जहां है वहीं अपनी खेती कर रहे हैं। लेकिन वन विभाग व कुछ गांव के लोग विरोध करते हुए बैगाओंं को उनके खेती जमीन से बेदखल किया जाता है।