
आरक्षक बर्खास्त (फोटो सोर्स- Shutterstock)
CG News: पुलिस वर्दी में सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन, आम नागरिकों से अभद्र व्यवहार और बार-बार अनुशासनहीन आचरण के दोषी पाए गए आरक्षक अभिषेक लकड़ा रक्षित केंद्र कबीरधाम को सेवा से पदच्युत कर दिया गया है। कबीरधाम पुलिस ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासन, मर्यादा और वर्दी की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के स्पष्ट, कठोर और जीरो टॉलरेंस निर्देशों के तहत नशाखोरी, अनुशासनहीनता और कर्तव्यच्युति के मामलों में बिना किसी नरमी के निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। मामले में अपचारी आरक्षक के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय जांच कराई गई। जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमसम्मत रही, जिसमें आरोपी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर प्रदान किया गया।
जांच में यह तथ्य पूर्ण रूप से प्रमाणित हुआ कि 30 अप्रैल 2025 को आरक्षक अभिषेक लकड़ा वर्दी की अवस्था में शराब का सेवन कर सरस्वती शोरूम कवर्धा पहुंचा, जहां उसने शोरूम कर्मचारियों, आम नागरिकों व राहगीरों के साथ अशिष्ट, अभद्र और अमर्यादित व्यवहार किया। शोरूम संचालक से सूचना प्राप्त होते ही थाना प्रभारी कवर्धा द्वारा तत्काल मौके की तस्दीक कराई गई।
जांच में आरक्षक अत्यधिक शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करते पाया गया। समझाइश दिए जाने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे थाना कवर्धा लाया गया। जिला अस्पताल कवर्धा में कराए गए चिकित्सकीय परीक्षण में डॉक्टर द्वारा अत्यधिक नशे की स्पष्ट पुष्टि की गई।
जांचकर्ता अधिकारी द्वारा अभियोजन साक्ष्यों, दस्तावेजी प्रमाणों एवं अभिलेखों के सूक्ष्म परीक्षण के बाद आरोपों को पूर्णत: सिद्ध माना गया। पुलिस जैसे अनुशासित बल में रहते हुए नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर अमर्यादित व्यवहार करना न केवल सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है बल्कि इससे आम जनता में पुलिस की छवि भी धूमिल होती है।ऐसे आचरण को सेवा में बने रहने योग्य नहीं माना गया। अत: पुलिस अधीक्षक कबीरधाम द्वारा आरक्षक 126 अभिषेक लकड़ा को सेवा से पदच्युत करने की कठोरतम कार्रवाई की गई है।
विभागीय जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरक्षक अभिषेक लकड़ा अल्प सेवाकाल में ही बार-बार शराब सेवन, अनाधिकृत अनुपस्थिति और अनुशासनहीन आचरण का दोषी रहा है। उसके विरुद्ध पूर्व में 7 बार निंदा की सजा, 2 बार आगामी देय एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का दंड दिया जा चुका था। इसके बावजूद उसके आचरण में कोई सुधार नहीं आया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वह विभागीय अनुशासन और वर्दी की गरिमा के प्रति संवेदनशील नहीं है।
इससे पूर्व भी कबीरधाम पुलिस द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब सेवन एवं गंभीर अनुशासनहीनता के मामलों में तीन आरक्षक अनिल मिरज, आदित्य तिवारी व आरक्षक चालक राजेश उपाध्याय को विभागीय जांच के बाद सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
Published on:
31 Jan 2026 03:54 pm

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