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CG Teacher Suspended: शिक्षा विभाग में 218 करोड़ की गड़बड़ी! 2 कर्मचारी सस्पेंड, ऑडिट ने खोली की पोल…

कवर्धा

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Shradha Jaiswal

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Updated: 31 Jan 2026, 1:41 PM IST

पंचायत सचिव का निलंबन आदेश जारी (photo source- Patrika)

पंचायत सचिव का निलंबन आदेश जारी (photo source- Patrika)

CG Teacher Suspended: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े कथित 218 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तत्कालीन कार्यालय में पदस्थ रहे वर्ग–2 कर्मचारी माया कसार और योगेंद्र कश्यप को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

CG Teacher Suspended: ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई गंभीर गड़बड़ियां

बीते तीन वर्षों में कोषालय से निकाले गए करीब 218 करोड़ रुपये के लेन-देन को लेकर तैयार की गई ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 से 2025 के बीच कैश बुक, वाउचर और बिल रजिस्टर जैसे अहम वित्तीय दस्तावेज गायब पाए गए हैं।

तत्कालीन बीईओ पर भी लगे अनियमितता के आरोप

ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) संजय जायसवाल पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं। हालांकि, पूर्व बीईओ ने इन आरोपों को निराधार बताया है।

पूर्व बीईओ का दावा: सभी दस्तावेज सौंपे गए

संजय जायसवाल ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में शिक्षकों का वेतन नियमित रूप से भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि सभी बिल, वाउचर, कैश बुक सहित वित्तीय दस्तावेज 11 दिसंबर 2025 को वर्तमान ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सौंप दिए गए थे, जिसकी रसीद उनके पास मौजूद है।

दस्तावेज संधारण में लापरवाही का आरोप

पूर्व बीईओ ने बताया कि उनका कार्यकाल अक्टूबर 2022 से सितंबर 2025 तक रहा। इस दौरान कक्ष प्रभारी योगेंद्र कश्यप को मौखिक और लिखित रूप से कई बार दस्तावेजों के सही संधारण के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके अभिलेखों का उचित रखरखाव नहीं किया गया, जिसके कारण कई वित्तीय रिकॉर्ड अधूरे रह गए।

नोटिस के बावजूद नहीं हुआ सुधार

पूर्व बीईओ के अनुसार, कक्ष प्रभारी को इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में किसी प्रकार का गबन नहीं हुआ है और हर लेन-देन से जुड़े साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं।

डीईओ ने मानी ऑडिट में कमियां

वहीं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एफ.आर. वर्मा ने ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रारंभिक जांच में कुछ वित्तीय कमियों की पुष्टि की है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे और प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।