
गिरफ्तार। पत्रिका फाइल फोटो
Crime News: वनांचल कुकरापानी ग्राम पंचायत में 17 बैगा आदिवासियों के आवास योजना के नाम पर जारी 21.50 लाख रुपये की राशि को ठेकेदार और पंचायत के तकनीकी सहायक ने हड़प लिया। मामले में पुलिस ने ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पंचायत का तकनीकी सहायक फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम पंचायत कुकरापानी के सचिव सिद्धराम मसराम ने 5 फरवरी 2026 को थाना तरेगांव जंगल पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ट्रायबल एवं बैगा आवास योजना के तहत 30 अक्टूबर 2024 को पंचायत के खाते में 21 लाख 50 हजार रुपए जमा हुए थे।
यह राशि ग्राम पंचायत कुकरापानी के 17 बैगा आदिवासी परिवारों के आवास निर्माण के लिए स्वीकृत थी। 28 नवंबर 2024 को जनपद पंचायत बोड़ला से जानकारी दी गई कि उक्त राशि जिला पंचायत के माध्यम से भेजी गई है और इसका भुगतान पंचायत तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी व ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी को किया जाना है।
इसके बाद तत्कालीन सरपंच, सरपंच पति और सचिव के साथ बैंक जाकर पूरी राशि आहरित कर दोनों आरोपियों को सौंप दी गई। हैरत की बात यह है कि आज दिनांक तक एक भी बैगा परिवार का आवास निर्माण शुरू नहीं हुआ। जांच में सामने आया कि पूरी राशि को तकनीकी सहायक और ठेकेदार ने छलपूर्वक अपने निजी उपयोग में ले लिया, जिससे 17 परिवारों को गंभीर आर्थिक और सामाजिक क्षति पहुंची।
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में बैगा आदिवासी आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से बैगा परिवार पक्के मकान की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाया। पीडि़त हितग्राहियों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ आवास निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
मामले में थाना तरेगांव जंगल में अपराध दर्ज किया गया है जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5), 3(5) तथा अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(व) जोड़ी गई है।
बैगा जैसी विशेष पिछड़ी जनजाति के गरीब परिवारों के लिए स्वीकृत ट्रायबल एवं बैगा आवास योजना की राशि गबन करने के मामले में तरेगांव जंगल थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शासकीय सेवक होने के बावजूद एक अन्य आरोपी तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी फरार है। यह मामला न केवल आर्थिक अनियमितता का है, बल्कि आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों से सीधा खिलवाड़ भी है।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी छोटूराम चंद्रवंशी (47) निवासी लखनपुर खुर्द ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि आवास निर्माण की राशि से ईंट, रेत, गिट्टी, सीमेंट और छड़ खरीदी गई, लेकिन इनका उपयोग बैगा आवास के बजाय अन्य ठेकेदारी कार्यों में कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी से सामग्री की रसीदें व इस्तेमाली मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कंसारी ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी प्रकरण का दूसरा अहम किरदार पंचायत तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। विवेचना में यह भी स्पष्ट हुआ कि फरार आरोपी पवन चंद्रवंशी शासकीय सेवक है जिसके चलते मामले में और कठोर धाराएं जोड़ी गई हैं।
Published on:
08 Feb 2026 01:08 pm
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