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कुएं में दफन था कत्ल का राज: 22 दिन बाद खुला अंधे हत्याकांड, तीन नाबालिग सहित 6 आरोपियों ने मुक्तिधाम में ली थी युवक की जान

Murder Case: खेत के एक सुनसान कुएं से युवक का शव मिलने के 22 दिन बाद पुलिस ने हत्या की पूरी साजिश, घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका उजागर की है।

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नाबालिग सहित 6 युवाओं ने मिलकर की थी हत्या (फोटो सोर्स- पत्रिका)

नाबालिग सहित 6 युवाओं ने मिलकर की थी हत्या (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG Murder Case: कवर्धा जिले के थाना लोहारा क्षेत्र के ग्राम पैलपार में सामने आए एक अंधे हत्याकांड का कबीरधाम पुलिस ने खुलासा कर दिया है। खेत के एक सुनसान कुएं से युवक का शव मिलने के 22 दिन बाद पुलिस ने हत्या की पूरी साजिश, घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका उजागर की है।

जांच में सामने आया है कि युवक की हत्या 5 जनवरी 2026 को की गई थी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को पत्थर से बांधकर कुएं में फेंक दिया गया था। 27 जनवरी 2026 की सुबह ग्राम पैलपार में सुमित जैन के खेत स्थित कुएं में एक शव उतराता दिखाई दिया। सूचना मिलते ही थाना लोहारा पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाया गया। शव की पहचान किशन उर्फ पाव वर्मा (25) निवासी ढेकापुर जिला बेमेतरा के रूप में हुई। शव के साथ भारी ईंट-कांक्रीट का पत्थर रस्सी से बंधा हुआ था जिससे स्पष्ट हो गया कि युवक की हत्या कर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया है।

मामले में थाना लोहारा में हत्या का अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और डीएसपी आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में विशेष जांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल, अंतिम बार देखे गए लोगो, पूर्व विवाद और आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े बिंदुओं पर जांच केंद्रित की। जांच के दौरान पुलिस की शंका थाना थान खम्हरिया क्षेत्र के कुछ युवकों पर गई। संदिग्धों पर लगातार निगरानी और दबिश के बाद पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

हत्या का कारण: धमकी और डर

पूछताछ में आरोपियों ने हत्या का कारण बताया कि मृतक किशन वर्मा पूर्व में नाबालिग बालिका से बलात्कार के मामले में जेल गया था। इस प्रकरण में दो आरोपी उसके खिलाफ गवाह थे। आरोपियों के अनुसार किशन जेल में रहते और बाहर आने के बाद उन्हें लगातार धमकाता था। जेल में भी उनके बीच झगड़ा हुआ था। धमकियों से भयभीत होकर आरोपियों ने पहले ही उसे खत्म करने की योजना बना ली।

वारदात की जगह

आरोपियों के अनुसार 5 जनवरी 2026 को थान खम्हरिया स्थित शराब भट्टी के पास चखना दुकान के समीप उन्होंने किशन वर्मा को अकेला देखा। शराब के नशे और पुरानी रंजिश के चलते विवाद बढ़ा। पहले किशन के साथ हाथ-मुक्कों और लातों से मारपीट की गई। इसी दौरान आरोपी राम धुर्वे ने चाकू से वार किया, जिससे किशन गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया।

आरोपियों को आशंका थी कि किशन जीवित बचा तो मामला सामने आ सकता है। इसके बाद बेहोश किशन को देवेंद्र कुंभकार की मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम पैलपार स्थित मुक्तिधाम के पास सुनसान क्षेत्र में ले जाया गया। वहां प्रकाश धुर्वे द्वारा लाए गए लकड़ी के बत्ते से आरोपियों ने बारी-बारी से किशन पर प्राणघातक हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

सबूत मिटाने कुएं में फेंका

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। शव को घसीटते हुए सुमित जैन के खेत स्थित कुएं तक ले जाया गया। एक भारी पत्थर को रस्सी से शव के साथ बांधकर कुएं में फेंक दिया गया, ताकि शव नीचे दबा रहे और उसकी पहचान न हो सके। आरोपियों ने खून से सने कपड़ों को बाद में जला दिया।

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