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बंद होंगे महर्षि महेश योगी संस्थान के 865 कॉलेज

यूजीसी ने महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय को स्टेट से निजी में बदला, पाठ्यक्रमों में प्रवेश पर लगा है प्रतिबंध

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Khandwa Online

Apr 10, 2015

Education

College

अमित जायसवाल, खंडवा।
खंडवा सहित प्रदेशभर में महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों पीजीडीसीए व डीसीए में प्रवेश प्रक्रिया पर प्रतिबंध लग गया है। जिससे इस विवि से संबद्ध संस्थान बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। मप्र में करीब 865 नियमित और 950 दूरस्थ शिक्षा के अंतर्गत सहयोगी संस्थान हैं। खंडवा में 5 सहित निमाड़ के बुरहानपुर, खरगोन व बड़वानी में 20 से ज्यादा संस्थान हैं।


इसलिए बनी ये स्थिति

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने महर्षि योगी वैदिक विवि को निजी विवि की सूची में डाल दिया है। नियमों के मुताबिक, निजी विवि अपने कैंपस के बाहर स्टडी सेंटर नहीं चला सकते हैं।


प्रवेश से पहले विद्यार्थी रहें सतर्क

एमएमवायवीवी के पत्र एआरपीआर/2795 के अनुसार, संस्था का सीट आवंटन व नवीनीकरण नहीं होने तक प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रवेश देने वाले संस्थान खुद उत्तरदायी होंगे। एेसे विद्यार्थियों को विवि में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और न ही उनकी परीक्षा ली जाएगी।


विवि रख रहा है अपना पक्ष

यूजीसी द्वारा निजी विवि की लिस्ट में नाम डालने के बाद कुलसचिव ने एमएमवायवीवी की ओर से पक्ष रखना शुरू कर दिया है। पत्र से यूजीसी व मप्र शासन को बताया है कि महर्षि महेश योगी वैदिक विवि निजी नहीं बल्कि राज्य विवि है। स्टे के लिए कोर्ट जाने की तैयारी भी चल रही है।


-यूजीसी ने इसे प्राइवेट विवि बना दिया है। इससे रेग्यूलर मोड में अभी एडमिशन पर प्रतिबंध है, लेकिन डिस्टेंस मोड में जरूर जुलाई में लिंक खुलेगी। विवि से हमें इस संबंध में आश्वासन मिला है।

लोकेशसिंह तंवर, संचालक,
अल्फाविजन इंफोटेक इंस्टीट्यूट खंडवा

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