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आदिवासी छात्रावासों में छह माह बाद भी नहीं पहुंचे चादर-तकिया, जिम्मेदार तमाशबीन

locationखंडवाPublished: Dec 26, 2023 12:40:56 am

Submitted by:

Rajesh Patel

जिला प्रशासन की जांच में घटिया मिली सामग्री, नई सामग्री आने के बाद दस दिन से नहीं हो सका सत्यापन

tribal hostels : Sheets and pillows did not reach tribal hostels even
खंडवा : जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय में रखे चादर-तकिया
जिला प्रशासन ने आदिवासी छात्रावासों में घटिया चादर, तकिया की खरीदी को रिजेक्ट कर दिया। चालू शैक्षणिक सत्र में छह माह बाद भी जरूरतमंद छात्रों के लिए छात्रावासों में चादर, तकिया नहीं पहुंची। रिजेक्ट की कार्रवाई के बाद दोबारा आई सामग्री का सत्यापन नहीं हो सका है। इससे छात्रावासों को जारी नहीं हो रहे हैं। हैरानी की बात तो यह कि चालू शैक्षणिक सत्र बीतने को है। जिन छात्रों के लिए सामग्री खरीदी गई है उनको अभी तक नहीं मिल सकी।
सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी

जिला के आला अधिकारियों की कमजोर मॉनीटरिंग के चलते जनजातीय कार्य विभाग में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। चालू शैक्षणिक सत्र में 15 लाख से अधिक सामग्री खरीदी का सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। सामग्री सत्यापन के लिए कलेक्टर ने संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला को निर्देश दिए थे। दस दिन पहले सत्यापन के दौरान चादर, तकिया की गुणवत्ता ठीक नहीं होने पर रिजेक्ट कर दिया गया था। तत्कालीन सहायक आयुक्त विवेक पांडेय ने सामग्री वापस कर नई सामग्री बुलाई है। इस बार सामग्री आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास में रखी गई है। इस बीच नए सहायक आयुक्त ने चार्ज संभाल लिया है। जिससे अभी तक सत्यापन की कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे अभी तक संबंधित छात्रावासों में सप्लाई नहीं हो सकी है।
ठंडे बस्ते में योजना, ठिठुर रहे छात्र

चालू शैक्षणिक सत्र में करीब 1100 चादर-तकिया खरीदे गए हैं। नई सामग्री आने के बाद प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ गई। तत्कालीन सहायक आयुक्त इसी कार्यालय परियोजना प्रशासक के बद पर नियुक्त हो गए हैं। इसके बाद भी व्यवस्था बेपटरी है। विभागीय अधिकारियों की शिथिलता के चलते ठंड में छात्र ठिठुर रहे हैं।

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