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बंगाल में जुलूस, रैलियां और सभाएं नियमित बात: हाईकोर्ट

locationकोलकाताPublished: Nov 25, 2023 04:04:34 pm

Submitted by:

Rabindra Rai

कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 29 नवंबर को भाजपा की जनसभा के आयोजन की अनुमति देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जुलूस, रैलियां और सभाएं नियमित बात हो गई है। मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवज्ञानम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने इस संबंध में एकल पीठ के 20 नवंबर के आदेश को चुनौती संबंधी पश्चिम बंगाल सरकार की अपील को खारिज कर दिया।

बंगाल में जुलूस, रैलियां और सभाएं नियमित बात: हाईकोर्ट
बंगाल में जुलूस, रैलियां और सभाएं नियमित बात: हाईकोर्ट
खंडपीठ ने भाजपा की जनसभा के लिए दी अनुमति
चुनौती संबंधी राज्य सरकार की अपील की खारिज
कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 29 नवंबर को भाजपा की जनसभा के आयोजन की अनुमति देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जुलूस, रैलियां और सभाएं नियमित बात हो गई है। मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवज्ञानम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने इस संबंध में एकल पीठ के 20 नवंबर के आदेश को चुनौती संबंधी पश्चिम बंगाल सरकार की अपील को खारिज कर दिया।
खंडपीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में और विशेष रूप से कोलकाता में जुलूस, रैलियां और सभाएं होना नियमित बात हो गई है। खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली मध्य कोलकाता में उस स्थान पर आयोजित की जा सकती है तो कोई अन्य पार्टी उसी स्थान पर रैली का आयोजन क्यों नहीं कर सकती है।
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राज्य सरकार की आलोचना की
मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने जनसभा की अनुमति नहीं देने पर राज्य सरकार की आलोचना की। राज्य सरकार की दलील थी कि धर्मतल्ला महानगर का व्यस्ततम इलाका है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सरकार जनसभा को राजनीतिक रंग देना चाहती है। बेवजह एक पार्टी का प्रचार किया जा रहा है। जनता की कोई परवाह नहीं करती। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उस स्थिति में हमें 21 जुलाई की रैली भी रद्द करनी होगी। बल्कि हमें सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द करने का आदेश देना होगा। क्या वह अच्छा होगा? राजनीतिक जटिलताएं पैदा करने की क्या आवश्यकता है। खंडपीठ ने कहा कि ऐसे अनेक मामले अदालत के संज्ञान में आए हैं जब बिना अनुमति के ऐसी रैलियां, सभाएं और आंदोलन हुए हैं।
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दी थी आदेश को खंडपीठ में चुनौती
भाजपा ने 29 नवंबर को सभा करने के उसके आवेदन को निरस्त करने के कोलकाता पुलिस के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था। पार्टी ने बताया था कि रैली को अमित शाह संबोधित करेंगे। एकल पीठ ने भाजपा को 29 नवंबर को धर्मतल्ला में विक्टोरिया हाउस के सामने जनसभा आयोजित करने की अनुमति दी थी। राज्य सरकार ने एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी।
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सुप्रीम कोर्ट जा सकती है सरकार
माना जा रहा है कि राज्य सरकार इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकती है, ऐसे में भाजपा ने शुक्रवार को शीर्ष अदालत में एक कैविएट दायर की है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी या नहीं।
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शाह- सिंह के सभा में शामिल होने की उम्मीद
भाजपा को कोलकाता पुलिस की शर्तों और प्रतिबंधों के अनुसार रैली आयोजित करनी होगी, लेकिन बाद में आयोजकों पर कोई अतिरिक्त या नया प्रतिबंध लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पश्चिम बंगाल में मनरेगा के तहत 100 दिन की नौकरी योजना के कार्यान्वयन में अनियमितताओं के विरोध में आयोजित होने वाली भाजपा रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और मंत्री निरंजन ज्योति के भी शामिल होने की उम्मीद है।

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