
चार सीटों के लिए 84 नामांकन, आखिरी दिन शाम तक उम्मीदवारों ने भरा पर्चा
31 अक्टूबर, मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी। आयोग की ओर से सूची चस्पा की जाएगी। दो नवंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। सोमवार नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि थी। इसके लिए सुबह से ही चुनाव लड़ने की उम्मीद लिए प्रत्याशी कोरबा के कलेक्ट्रेड कार्यालय में जमा होने लगे थे। सुबह 11 बजे से नामांकन जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
उम्मीदवारों ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पर्चा भरा। सुबह से दोपहर तीन बजे तक कलेक्ट्रेड कार्यालय में उम्मीदवारों ने भीड़ जमा थी। उनके साथ बड़ी संया में समर्थक पहुंचे थे। इसमें प्रस्ताव और समर्थक भी थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने एक- एक कर उम्मीदवारों का नामांकन पत्र प्राप्त किया। देर शाम तक विधानसभा चुनाव के लिए आयोग के समक्ष 84 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र जमा किया।
इसमें सबसे अधिक 32 नामांकन विधानसभा की कोरबा सीट पर निर्वाचन आयोग कोे प्राप्त हुए हैं। विधानसभा की कटघोरा सीट के लिए उम्मीदवारों ने 22 पर्चा जमा किया है। जबकि आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित विधानसभा की रामपुर सीट पर 17 और पाली तानाखार सीट के लिए 15 नामांकन पत्र जमा किए गए हैं। प्राप्त नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार को आयोग की ओर से की जाएगी।
सुबह से शाम तक कलेक्ट्रेट में लगी रही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़
नामांकन के अंतिम दिन कुछ प्रत्याशी 10 हजार रुपए के सिक्के लेकर नामांकन पत्र भरने के लिए आयोग के समक्ष पहुंचे थे। रिटर्निंग अफसर ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों का हवाला देकर 10 हजार रुपए का सिक्का लेने से इनकार कर दिया। उम्मीदवार को बताया कि एक हजार रुपए से अधिक का सिक्का नहीं लिया जा सकता है। इसपर कुछ प्रत्याशियों ने नाराजगी जताई। बिना पर्चा भरे ही बाहर निकल गए। 10 हजार रुपए सिक्के जमा नहीं लेने पर आयोग पर सवाल उठाया। पूछा कि सिक्के बैंक में मान्य है, फिर आयोग जमा क्यों नहीं ले रहा है? सिक्के लेकर पहुंचने से जिन उम्मीदवारों का नामांकन जमा नहीं हुआ उसमें गणेश दास महंत भी शामिल थे।
Published on:
31 Oct 2023 12:06 pm
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