
नदी किनारे स्थित 100 से अधिक मकान और गेवरा-दीपका में कोयला कंपनी की कालोनियों में घुसा पानी ( Photo- patrika )
CG Heavy Rain: पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश के कारण ऊर्जाधानी पानी-पानी हो गई है। शहर से लेकर उपनगरीय इलाकों के निचली बस्तियों में पानी भरा हुआ है। लोगों को अपना सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा है। 24 घंटे में कोरबा शहर में 50.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक 85.2 मिलीमीटर वर्षा भैसमा तहसील में रिकार्ड किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि सभी तहसीलों में झमाझम बारिश हो रही है और 24 घंटे में औसत 43.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
बादलों के बरसने से निचली बस्तियों में जल स्तर बढ़ गया है। नदी-नाले उफान में हैं। कोरबा के सभी नदी-नालों में अचानक बढ़ गया है। इस कारण से हसदेव नदी के जल में भी वृद्धि हुई है और नदी किनारे कब्जा कर बनाए गए घरों में पानी भर गया है। सबसे बुरा हाल सीतामणी क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के पीछे स्थित बस्ती का है। इस क्षेत्र की अधिकांश बस्तियां हसदेव नदी की डुबान क्षेत्र में आती है। बारिश के कारण नदी में जल स्तर बढ़ने से इन घरों में पानी घुस गया है।
बताया जाता है कि शनिवार रात से रविवार देर शाम तक हुई बारिश के चलते इन बस्तियों में पानी भरा हुआ है। 100 से अधिक मकानों में वर्षा का जल घुस गया है। यहां रहने वाले लोगों को इन मकानों को खाली करना पड़ा है और उन्होंने सुरक्षित स्थान पर शरण लिया हुआ है। कई लोग अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे हैं।
क्षेत्र के पार्षद सुफल दास महंत ने बताया कि इस क्षेत्र में स्थित अधिकांश मकान हसदेव नदी के डुबान क्षेत्र में आते हैं और इन्हें खाली करने के लिए पहले ही कोरबा जिला प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों को कहा गया था। कई लोगों ने अपना मकान खाली कर दिया है, कुछ लोग बचे हुए थे उन्हें भी सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी पानी का स्तर इन इलाकों में कम नहीं हो रहा है।
Updated on:
07 Jul 2025 12:27 pm
Published on:
07 Jul 2025 12:24 pm
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