झिनपुरी से पहले दुल्लापुर, लमना, बनिया और ग्राम पचरा में भी हाथियों की मौत हो चुकी है। वन विभाग जंगल में हाथियों की सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रहा है। पिछले साल ग्राम बनिया में हुई हाथी की एक मौत के मामले में वन विभाग ने लगभग आधा दर्जन ग्रामीणों को आरोपी बनाया था। उन पर करंट लगाकर हाथी को मारने का केस दर्ज किया था।