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वादा अंतिम छोर पर बसे लोगों को लाभ देने का, यहां 76 साल से बिजली नहीं

CG Election 2023 चुनाव का बिगुल फूंग चुका है। राजनीति पार्टियां रण भूमि में उतर चुकी हैं। प्रदेश की सत्ता पर राज करने के लिए पार्टियां वोटरों से नया- नया वादा कर रही हैं। कांग्रेस 200 यूनिट बिजली फ्री देने का भरोसा दे रही तो भाजपा छत्तीसगढ़ के लोगों को मोदी की गारंटी से अवगत करा रही है।
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कोरबा

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Rajesh Kumar kumar

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Updated: 8 Nov 2023, 12:14 PM IST

वादा अंतिम छोर पर बसे लोगों को लाभ देने का, यहां 76 साल से बिजली नहीं

वादा अंतिम छोर पर बसे लोगों को लाभ देने का, यहां 76 साल से बिजली नहीं

कोरबा जिले के विधानसभा क्षेत्र रामपुर के अधीन घने जंगल के बीच स्थित ग्राम बगधरीडांड की जनता को दोनों प्रमुख पार्टियों के वादों पर भरोसा नहीं है। गांव में रहने वाली अन्ना बेक बताती हैं कि देश को आजाद हुए 76 साल हो चुके हैं। उनका गांव विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। गांव में न बिजली है न सड़क। संचार क्रांति के युग में उनके गांव में मोबाइल फोन तक काम नहीं करता है। इसका मुख्य कारण मोबाइल टॉवर है, जो गांव या इसके आसपास नहीं है।

बेक ने बताया कि गांव में बिजली, सड़क और मोबाइल नेटवर्क की मांग को लेकर उन्होंने कई बार जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। क्षेत्र के विधायक ननकीराम कंवर को बताया। उन्होंने समस्या का समाधान कर गांव में विकास कार्य का आश्वासन दिया था। पांच साल गुजर गए। प्रदेश में विधानसभा का नया चुनाव आ गया। उनके गांव तक सुविधा नहीं पहुंची। गांव में रहने वाली बेरोनिका ने बताया कि पिछली बार नेताओं के आश्वासन पर लोगों ने मतदान किया था। मगर समस्या का समाधान नहीं होने से गांव के लोगों ने इस बार मतदान का बहिष्कार का निर्णय लिया है। इससे जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है।

बगधरीडांड के रहने वाले संतोष कोरवा ने बताया कि देश को आजाद हुए 76 साल गुजर गए हैं। लेकिन हमारे गांव में बिजली नहीं पहुंची है। रात अंधेरे में कटती है। गांव में टेलीविजन और ट्रांजिस्टर काम नहीं करते हैं। गांव के लोग वर्तमान विधायक ननकीराम कंवर से नाराज दिखे। कांग्रेस प्रत्याशी फूलसिंह राठिया के वादों पर भी भरोसा नहीं है। उन्होंने बताया कि गांव में बिजली आएगी या नहीं उन्हें नहीं पता। चुनाव में नेता जरुर आते हैं। हाथ जोड़कर वोट मांगते हैं और चले जाते हैं। जीत के बाद गांव में दिखाई नहीं देते हैं। लगभग 400 गांव की आबादी वाला बगधरीडांड ग्राम केराकछार का हिस्सा है, जो कोरबा विकासखंड में स्थित ग्राम मदनपुर से लगभग चार किलोमीटर दूर है।