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राखड़ लोड हाइवा ने स्कूल से घर लौट रही प्रधान पाठक को रौंदा, मौत

राखड़ परिवहन करने वाली गाड़ियां राहगीरों के लिए मौत बनकर दौड़ रही हैं। बुधवार की शाम राखड़ लोड हाइवा ने रिंग रोड पर झगरहा के पास महिला को रौंद दिया। उसकी घटना स्थल पर मौत हो गई।
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कोरबा

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Rajesh Kumar kumar

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Updated: 30 Nov 2023, 12:09 PM IST

राखड़ लोड हाइवा ने स्कूल से घर लौट रही प्रधान पाठक को रौंदा, मौत

राखड़ लोड हाइवा ने स्कूल से घर लौट रही प्रधान पाठक को रौंदा, मौत

महिला की पहचान बालकोनगर सेक्टर- 4 में रहने वाली रोशनी बंजारे से की गई है, जो ग्राम बुंदेली के प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक थी। बुधवार को स्कूटी से विद्यालय गई थी। छुट्टी के बाद शाम को झगरहा के रास्ते स्कूटी से घर लौट रही थी। झगरहा पुलिस बेरिकैट्स के पास शाम लगभग चार बजे विपरित दिशा से आ रही तेज रफ्तार हाइवा ने स्कूटी को रौंद दिया। महिला सड़क पर गिर गई। उसके माथे में गंभीर चोट आई। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने महिला की मदद करने की कोशिश की। उसे अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। इसके पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। दुर्घटना का कारण हाइवा चालक की लापरवाही को बताया जा रहा है। पुलिस बैरिकेट्स के पास रोशनी ने स्कूटी को धीरे कर दिया। वह किनारे से स्कूटी को निकाल रही थी। इस बीच सामने से तेज रफ्तार हाइवा आ गई। आगे निकलने की जल्दबाजी में चालक ने हाइवा को किनारे से स्कूटी को टक्कर मार दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की है।

हाइवा की ठोकर से महिला सड़क पर गिर गई। रास्ते से गुजर रहे लोग महिला की मदद के लिए आगे बढ़े। इस बीच चालक हाइवा लेकर घटनास्थल से फरार हो गया। गाड़ी और चालक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस पतासाजी कर रही है। जिस स्थान पर घटना हुई है, वह डेंटर प्वाइंट के रूप में चिन्हित है। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती है।

दो बच्चों के सिर से उठा मां का आंचल

रोशनी के पति भुनेश्वर बंजारे बालको कर्मी हैं। परिवार के साथ सेक्टर- 4 के मकान में रहते हैं। राशनी के दो बच्चे हैं। बेटी कक्षा दूसरी की छात्रा है। जबकि पुत्र कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत है। रोशनी की मौत से परिवार में मातम पसरा है। उसके दोनों बच्चों के सिर से मां का आंचल उठ गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

राखड़ परिवहन पर अंकुश जरूरी

राखड़ लोड गाड़ियां नियम कायदों को ताक पर रखकर शहर में दौड़ रही हैं। न तो इनकी रफ्तार कम है न ही इसे चलाने वाले अनुभवी चालक हैं। कम उम्र के युवकों के पास राखड़ परिवहन करने वाली गाड़ियों की स्टीयरिंग है। जल्दी- जल्दी गाड़ी को खाली कर दूसरा फेरा लेने के फेर में ड्राइवर राहगीरों को ठोकर मार देते हैं। प्रशासन अंकुश नहीं लगा सका है।