
कोटा बोला: हाईकोर्ट बैंच कोटा की पहली प्राथमिकता
High Court Bench: कोटा. कोटा शहर की जनता शहर के विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी राय दे रही है। साथ विभिन्न मुद्दों व समस्याओं के समाधान की राह भी बता रही है। राज्य सरकार की ओर से कोटा की जगह उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना के प्रस्ताव पर कोटावासियों ने राय दी है। लोगों का कहना है कि सरकार के लिए हाईकोर्ट बैंच की स्थापना के लिए कोटा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। गौरतलब है कि सरकार की ओर से उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना के प्रस्ताव को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया।
कोटा सम्भाग का पक्ष मजबूत
जनजाति क्षेत्र के हिसाब से उदयपुर से बेहतर कोटा सम्भाग का पक्ष मजबूत है। कोटा अभिभाषक परिषद हाईकोर्ट बैंच की स्थापना की मांग वर्ष 2003 से कर रही है। सम्भाग के 40 प्रतिशत मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कोटा सम्भाग में कई जगह जनजाति क्षेत्र होने के नाते यहां हाईकोर्ट बैंच का होना अति आवश्यक है। -प्रदीप सिंह अड़सेला
यह मांग नहीं कोटा का सपना है
हाईकोर्ट बैंच की स्थापना यह सिर्फ मांग नहीं है बल्कि कोटावासियों का सपना भी है। कोटा अभिभाषक परिषद की ओर से कई वर्षों से उठाई जा रही मांग व संघर्ष को सरकार नजरअंदाज कर रही है। उदयपुर से ज्यादा कोटा इसके योग्य है। सरकार इसे प्राथमिकता से लेते हुए यह तोहफा कोटा को दे। -हर्षिता शृंगी, एडवोकेट
कोटा पहली प्राथमिकता
हाईकोर्ट बैंच स्थापना के लिए कोटा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यह आबादी के हिसाब से भी अन्य जिलों से बड़ा जिला है। विधि मंत्री कोटा से है तो उनकी पहली प्राथमिकता कोटा होनी चाहिए। इसके लिए मंत्री को भरसक प्रयास करने चाहिए। कोटा अभिभाषक परिषद की मांग उचित है। -आर्यन झा
जयपुर-जोधपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे
कोटा में हाईकोर्ट बैंच खुलनी चाहिए, यह आवश्यक है। सरकार इसे प्राथमिकता से ले और शीघ्र ही कोटा को हाईकोर्ट बैंच की सौगात दे। इतना बड़ा शहर होने के बावजूद बैंच नहीं होने से कोटा सम्भाग के लोगों को जयपुर, जोधपुर के चक्कर काटने पड़ रहे है। -देवराज सुमन
जनता से छलावा बंद होना चाहिए
कोटा में हाईकोर्ट बैंच खुलनी चाहिए। राजनीतिक दलों को इसे अपने घोषणा पत्रों में शामिल किया जाना चाहिए। अभी हो यह रहा है कि विपक्ष व सत्तापक्ष जनता से छलावा कर रहे है। हाईकोर्ट बैंच कोटा की जरूरत है, इसे राज्य सरकार को पूरा करना चाहिए। जनता अब ऐसे छलावे बर्दाश्त नहीं करेगी। -बृजेश विजयवर्गीय
चुनावी मुद्दा बनकर क्यों रहे
हाईकोर्ट एक चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है। दोनों पाटियां ही इस मुद्दे को तब उठाती है जब वह विपक्ष में रहती है। सत्ता में आने के बाद अपने वादे को भूल जाती है। कोटा बड़ा शहर होने व सम्भाग मुख्यालय होने के नाते हाईकोर्ट बैंच का अधिकार व योग्यता तो रखता ही है। -श्याम गौड़
सम्भाग के राजनेताओं को एकजुट होना पड़ेगा
कोटा जैसे बड़े शहर में हाईकोर्ट बैंच की काफी वर्षों से जरूरत महसूस की जा रही थी। कोटा से राज्य व केन्द्र में बैठे नेता चाहे तो यह सौगात कोटा को मिल सकती है। इसके लिए राजनीति को भूलकर सम्भाग के सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होना होगा। -नवीन सनाढ्य
हाईकोर्ट बैंच की स्थापना में कोटा में होनी चाहिए। इसे लेकर देव शर्मा, रूपनारायण यादव, अभिषेक पंचौली, विनिता वाष्र्णेय, रोहित अग्रवाल व सुनीता काबरा ने भी विचार रखे।
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फरार इनामी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर
-सोमवार को पकड़े आरोपी दो दिन के रिमांड पर
कोटा. कैथूनीपोल थाना क्षेत्र में पुरानी साबरमती कॉलोनी में विक्की मौर्य की हत्या के चौथे दिन भी पुलिस फरार इनामी आरोपी को नहीं पकड़ पाई। वहीं सोमवार को पकड़े गए इनामी आरोपी सहित तीन आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
थानाधिकारी विनोद कुमार ने बताया हत्याकाण्ड का फरार इनामी आरोपी अर्जुन पटोना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हुई है। सम्भावित स्थानों पर दबिश भी दी जा रही है, लेकिन अभी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को इनामी आरोपी सहित पकड़े गए तीनों आरोपियों बनवारी वाल्मिकी बादल व आदित्य उर्फ अटू उर्फ गौतम को मंगलवार को न्यायालय में पेश कर दो दिन के लिए रिमांड पर लिया है। आरोपियों से घटना के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।
Published on:
01 Mar 2022 10:51 pm

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