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Big News: सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं देख पाएंगे आप दूरदर्शन, बंद होंगे देश के 272 रिले केंद्र

'दूर' के 'दर्शन' अब सुहावने नहीं, पीड़ादायी होने वाले हैं। आने वाले दिनों में सैंकड़ों गांव के लोग बिना रकम खर्चे दूरदर्शन पर कार्यक्रम नहीं पाएंगे।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 16 Jan 2018, 8:41 AM IST

Doordarshan

कोटा . 'दूर' के 'दर्शन' अब सुहावने नहीं, पीड़ादायी होने वाले हैं। आने वाले दिनों में सैंकड़ों गांव के लोग बिना रकम खर्चे दूरदर्शन पर कार्यक्रम नहीं पाएंगे। प्रदेश के 41 दूरदर्शन रिले केन्द्रो को बंद किया जा रहा है। इनमें हाड़ौती के भी पांच रिले केन्द्र शामिल हैं। ये फरवरी तक बंद हो जाएंगे। प्रसार भारती निदेशक ने देश के 272 रिले केन्द्रों को बंद करने के आदेश दिए हैं। सरकार देशभर में मात्र 230 हाई पावर ट्रांसमीटर और 400 एलपीटी को ही चालू रखना चाहती है।

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यह बता रहे कारण
दूरदर्शन एवं इसके क्षेत्रीय चैनल केवल सेटअप बॉक्स से ही देखे जा सकेंगे। नवीनतम तकनीक को टक्कर नहीं दे पाने के कारण प्रसार भारती ने देश के इन केन्द्रों को बंद करने के आदेश दिए। डिजिटल ट्रांसमीटर स्थापित करने की भी योजना बताई जा रही। आदेशों के अनुसार इन केन्द्रों को 12 फरवरी से पहले बंद करना है।

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कोटा जोन में पांच
दूरदर्शन अनुरक्षण केन्द्र कोटा के अन्तर्गत 7 रिले केन्द्र हैं। सवाईमाधोपुर व बारां को छोड़कर शेष पांच लो पावर ट्रांसमीटर केन्द्रों पर ताले लग जाएंगे। इसके चलते जिले के कई गांव स्क्रीन पर साफ चित्र नहीं देख सकेंगे। कोटा जोन में आने वाले इन पांच केन्द्रों में झालावाड़, चौमहला, पिड़ावा, गंगापुरसिटी व रावतभाटा हैं।

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रिले केन्द्रों के बंद होने से इनकी रेंज में आने वाले सैंकड़ों गांवोंं के लोग फ्री चैनल दूरर्शन का आनंद नहीं उठा सकेंगे। जानकारी के अनुसार एक केन्द्र से 20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले लोग लाभान्वित होते हैं। झालावाड़ व गंगापुरसिटी में स्थापित ट्रांसमीटर की क्षमता 500-500 वाट, पिड़ावा 100 वाट व चौमहला व रावतभाटा के रिले केन्द्र 10-10 वाट के हैं। एक रिले केन्द्र स्थापना में करीब 1 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। झालावाड़ रिले केन्द्र की स्थापना 2004 व पिड़ावा की 2002 में ही की गई है।

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प्रदेश के ये केन्द्र
पाली, बाली, बड़ी सादड़ी, कोटड़ा, कुंभलगढ़, कुशलगढ़, सगवाड़ा, डूंगरपुर, भरतपुर, नगर, भीनमाल, गंगानगर, भादरा, टिब्बी, झालावाड़, चौमहला, पिड़ावा, झुंझुनूं, रतनगढ़, केसरजी, किशनगढ़, मकराना, सरदारशहर, सिरोही, आमेट, भीम, देवगढ़, गंगापुरसिटी, मांडलगढ़, फतेहपुर, नीम का थाना, लक्ष्मणगढ़, राजगढ़, तारानगर, रावतभाटा, जामुवारामगढ़, विराटनगर, आंधी, शाहपुरा, लालसोट, सिकराई स्थित रिले सेंटरों पर ताले लगेंगे।

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सरकार की डिजिटल केन्द्रों की योजना
प्रसार भारती कोटा के निदेशक बी.एल. मीणा ने बताया कि भविष्य में सरकार की डिजिटल रिले केन्द्र स्थापित करने की योजना है, इसी के चलते कोटा के अन्तर्गत आने वाले पांच सेंटरों को बंद किया जा रहा है। इसके बाद सेटअप बॉक्स के माध्यम से ही ग्रामीण क्षेत्रों में दूरदर्शन को देखा जा सकेगा।