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कोटा बैराज के 13 साल बाद खुले सभी 19 गेट, बस्तियां जलमग्न, निकली नावें, दो मंजिला छत की दीवार गिरी

heavy rain कोटा में मची त्राहि त्राहि नावें निकली बस्तियों में किया रेस्क्यू...गांधीसागर बांध के खुले 19 गेट, 14 लाख 85 हजार क्यूसेक पानी की निकासी , राणाप्रताप सागर बांध- 17 गेट खुले

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कोटा

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Suraksha Rajora

Sep 14, 2019

कोटा बैराज के 13 साल बाद खुले सभी 19 गेट, बस्तियां जलमग्न, निकली नावें, मोटर मार्केट में दो मंजिला छत की दीवार भरभराकर गिरी

कोटा बैराज के 13 साल बाद खुले सभी 19 गेट, बस्तियां जलमग्न, निकली नावें, मोटर मार्केट में दो मंजिला छत की दीवार भरभराकर गिरी

कोटा. मध्यप्रदेश व चम्बल नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही भारी बारिश के कारण कोटा बैराज के 13 साल बाद सभी 19 गेट खोले गए। कोटा बैराज गेट से शनिवार को 6 लाख 19 हजार 700 क्यूसेक पानी की निकासी की गई गई। गेट खुलते ही कोटा में बाढ़ के हालात बन गए है। चम्बल किनारे बसी एक दर्जन से ज्यादा बस्तियां जलमग्न हो गई है।

बस्तियों में कई मकान तक डूब गए है। कई मकानों के ढहने से लोग बेघर हो गए है। जिला प्रशासन, पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर कमान संभाले हुए है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। कई लोग अभी भी घरों में कैद है, जो छतों पर बैठकर राहत का इंतजार कर रहे है। एहतियात के तौर पर डूब वाले इलाकों की बिजली काट दी गई है।

बारिश सेे 40 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। अब तक 1385.0 एमएम बारिश दर्ज हुई है। इससे पहले 40 साल में तीन बार ही 1000 एमएम से ज्यादा बारिश दर्ज हुई थी। एमपी से पानी की भारी आवक देखते हुए कोटा बैराज के सभी गेट खोले गए है। कोटा शहर की जलापूर्ति भी गड़बड़ा गई है। कोटा में पिछले 24 घंटे में 45.2 एमएम बारिश दर्ज की गई।


यह बस्तियां जलमग्न

कोटा बैराज के 16 गेट खुलने से नयापुरा हरिजन बस्ती, करबला, चन्द्रघटा, दोस्तपुरा, बापू बस्ती, हनुमानगढ़ी कुन्हाड़ी, लाडपुरा समेत एक दर्जन बस्तियां जलमग्न हो गई। एसडीआरएफ की टीमों ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। नयापुरा बृजराजपुरा कच्ची बस्ती में मकानों में पानी भरने से दो मकान गिर गए। जिला प्रशासन ने स्कूल व सामुदायिक भवन में बेघर लोगों के लिए भोजन व पुनर्वास की व्यवस्था की है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व नगरीय विकास मंत्री शांति कुमार धारीवाल लगातार जिला प्रशासन के अधिकारियों से लगातार सम्पर्क में है।

- किस बांध से कितना पानी की निकासी

- गांधीसागर बांध- 19 गेट - 14 लाख 85 हजार क्यूसेक

- राणाप्रताप सागर बांध- 17 गेट- 5 लाख 41 हजार 696 क्यूसेक

- जवाहरसागर बांध- 15 गेट

- कोटा बैराज- 19 गेट- 6 लाख 19 हजार 700 क्यूसेक

छत की डोली गिरी, वाहन दबे


कोटा. एरोड्राम चौराहे क्षेत्र स्थित लोढ़ा मार्केट भवन की छत की डोली गिर गई। इससे भवन का छज्जा गिर गया। इससे दो मोटर साइकिलें व एक स्कूटी दब गई। दुकानदार बाल बाल बच गए। घटना के समय दुकानों में दुकादर व कर्मचारियों समेत 8 से 10 लोग थे।

लोगों के अनुसार दो मंजिला मकान की उपर की डोली अचानक भरभराकर गिर गई। डोली का मलवा छज्जे पर गिरा तो छज्जा भी गिर गया। बिल्डिंग का जो भाग ढहा है, उसके नीचे तीन चार दुकानें हैं। लोगों के अनुसार घटना के समय दुकानों में दुकानदार, ग्राहक समेत 8 से 10 लोग मौजूद थे। वे एकदम सहम गए। गनीमत थी कि सभी दुकानों के अंदर थे।

रमजानी दुकान के बाहर बैठा हुआ था, जैसे ही छज्जा गिरनी की आवाज आई व अंदर भागा, देखते ही देखते करीब डोली व 30 से 40 फीट लंबा छज्जा धराशाही हो गया। इसके अलावा रौंस भी डैमेज हो गई। इस मामले में विज्ञान नगर थाने के हैड कांस्टेबल हरिमाओम ने बताया कि दो मंजिले मकान का छज्जा गिरा है। कोई जनहानि नहीं हुई है। तीन वाहन मलबे के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हुए हैं। निगम को सूचना देकर मलबे को हटवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह बिल्डिंग काफी पुरानी है। जर्जर स्थिति है।

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