हथियार बेचने वालों को कोटा खासा रास आ रहा है। मध्यप्रदेश के खरगौन, गुना, बीना व उत्तरप्रदेश के मथुरा, हाथरस व बरेली से हथियार आ रहे हैं।
कोटा. हथियार बेचने वालों को कोटा खासा रास आ रहा है। इसके चलते शहर में पड़ोसी राज्यों से रेल व सड़क मार्ग से हथियार पहुंच रहे हैं। कोटा पुलिस इस साल अब तक 40 से अधिक अवैध देसी कट्टे, पिस्टल व सौ से अधिक कारतूस बरामद कर चुकी है। इसके अलावा 850 से अधिक चाकू बरामद कर चुकी है। कोटा में मध्यप्रदेश के खरगौन, गुना, बीना व उत्तरप्रदेश के मथुरा, हाथरस व बरेली से हथियार आ रहे हैं। पुलिस ने बिहार से हथियार लाकर बेचने के भी कुछ मामले पकड़े हैं।
देसी कट्टे की मांग ज्यादा
सबसे अधिक मांग देसी कट्टे की है। अवैध देसी कट्टा लोगों को काफी कम कीमत में मिल जाता है। इसकी कीमत 2 हजार से 5 हजार रुपए तक होती है। इतना ही नहीं तस्कर हथियारों की होम डिलीवरी भी करते हैं।
दिखावे के लिए पिस्टल आगे
दिखावे के लिए रखे जाने वाले हथियारों में पिस्टल सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। हल्की व आकर्षक होने से इसे लोग अधिक खरीदते हैं।
धार करवाओ और बना लो चाकू-तलवार
शहर में अलीगढ़ से चाकू लाकर उसमें धार करके बेचा जा रहा है। कार व जीपों के पुराने व टूटे हुए पट्टों से भी हथियार बनाए जा रहे हैं। पट्टों से बने हथियार लचीले होने के कारण आसानी से टूटते नहीं हैं। वजन में भी हल्के होते हैं।
एयरगन से बना रहे देसी कट्टा
हथियार बनाने वाले एयरगन को देसी कट्टा बनाने में काम लेते हैं। ऐसे में हथियार निर्माता इसमें लगने वाले छर्रे के स्थान को थोड़ा बड़ा कर इसे पॉइंट 22 की गन बनाने में इसका इस्तेमाल करते हंै। इसके अलावा पानी के पाइपों से लेकर अन्य कलपुर्जों से कट्टे तैयार कर लिए जाते हैं।
चुनाव के दौरान पकड़े हथियार
पुलिस इन दिनों विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपराधियों से हथियार बरामद कर रही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के पास हथियार हैं। ऐसे में पुलिस ने चैकिंग और वारदातों के बाद 40 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया।
अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस ने इस वर्ष 40 से भी अधिक हथियार व सौ से अधिक कारतूस बरामद किए हैं। धारदार हथियारों में पुलिस ने 850 हथियार बरामद किए हैं। पुलिस नाकाबंदी व गश्त के दौरान हथियार बरामद कर रही है।
राजेश मील, एएसपी,कोटा सिटी