
कोटा . सर्दी का प्रकोप बढऩे से इन दिनों नवजात बच्चों में निमोनिया का प्रकोप बढ़ा है। अस्पतालों में बच्चों के वार्ड भरे पड़े हैं। पांच साल तक के बच्चों में यह प्रकोप बना हुआ है, लेकिन इनमें भी एक साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा शामिल हैं। दिसम्बर में सर्दी का असर होने से वायरल निमोनिया बढ़ा है। इन दिनों तकरीबन हर निजी अस्पताल में 15 से 20 बच्चे निमोनिया ग्रस्त आ रहे हैं, वहीं जेके लोन में इन दिनों आने वाले रोगियों में करीब 70 प्रतिशत बच्चे हैं, और इनमें भी ज्यादातर निमोनिया ग्रस्त हैं।
जेके लोन: अभी ये हाल
जेके लोन अस्पताल में 30-30 बेड की बच्चों की दो यूनिट हैं। दोनों में 20-22 बच्चे भर्ती हैं। पिछले दो दिन में संख्या एकदम बढ़ी है। इनके अलावा आईसीयू व एनआईसीयू में भी बच्चे भर्ती हैं।
शिशु वार्डो में बढ़े रोगी
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ग्रामीण क्षेत्र से ज्यादा पहुंच रहे बच्चे
अस्पतालों में इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र से निमोनिया ग्रस्त बच्चे ज्यादा पहुंच रहे हैं। इन्हें निमोनिया, वायरल व डायरिया की शिकायत है। ज्यादातर की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा हुआ है।
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ये हैं लक्षण
खांसी-जुकाम होना।
सांस में तकलीफ की शिकायत।
बुखार आना।
बचाव के उपाय
बच्चों को सर्दी से बचा कर रखें।
खान-पान पर विशेष ध्यान दें। ठंडे पानी से बचाएं।
स्कूलों, घरों व अन्य जगहों पर फर्शी पर नहीं बैठाएं।
सीधी ठंडी हवाओं से बचाव करें।
नियमित टीकाकरण कराएं।
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शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. टीसी आचार्य का कहना है की सर्दी बढऩे से नवजात बच्चों में निमोनिया का प्रकोप बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्र से ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। कई गंभीर बच्चे भी पहुंच रहे हैं। उन्हें आईसीयू में रखा हुआ है।
जेके लोन अस्पताल शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज सिंघल का कहना है की अस्पताल की दोनों यूनिट में निमोनिया के बच्चे भर्ती हैं। इनमें वायरल व निमोनिया के ज्यादा शामिल हैं।

Updated on:
01 Jan 2018 11:31 am
Published on:
01 Jan 2018 11:28 am

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