Kota Neet Success Story Of Prerana Singh: दरअसल प्रेरणा के पिता को कैंसर था। परीक्षा से कुछ महीने पहले ही उनकी मौत हो गई थी और परिवार के लिए कमाने वाले सदस्य के जाने के बाद मानों कोहराम मच गया था।
Neet Success Story: आज लाखों छात्रों की नीट परीक्षा है। पूरी मेहनत के साथ तैयारी करने के बाद अब छात्र अपना भविष्य तलाश रहे हैं। लेकिन इस बीच कहानी ऐसी छात्रा की जिसने विपरित हालात में संघर्ष करते हुए अपने सपने पूरे किए। पिता की मौत के बाद मां उसके साथ साये की तरह खड़ी रही और उसे डॉक्टर बनाकर ही दम लिया। हम बात कर रहे हैं कोटा जिले की रहने वाली प्रेरणा सिंह की, वह फिलहाल एमबीबीएस कर रही है।
दरअसल साल 2023 में जब नीट के परिणाम आए तो उसमें 17 साल की प्रेरणा ने अच्छे नंबरों से परीक्षा में सफलता हासिल की। 720 अंक में से 686 अंक हासिल करने वाली प्रेरणा से ज्यादा उनकी मां रोई, उनके आंसू घंटो तक नहीं थमे। ये खुशी के आंसू थे। मां, बेटी और अन्य बहन-भाईयों की मेहनत जो सफल हो गई थी। दरअसल प्रेरणा के पिता को कैंसर था। परीक्षा से कुछ महीने पहले ही उनकी मौत हो गई थी और परिवार के लिए कमाने वाले सदस्य के जाने के बाद मानों कोहराम मच गया था।
बैंक वालों का 27 लाख रुपए का कर्ज था जो मकान और अन्य कामों के लिए लिया गया था। कर्ज चुकाने वाले व्यक्ति की मौत के बाद जब किश्तें चुकाने का नंबर आया तो परिवार किश्त तक नहीं चुका सका। बैंक ने घर खाली करने का नोटिस भेज दिया। इस बीच मां को अपने चारों बच्चों की चिंता सताने लगी। उधर प्रेरणा ने डॉक्टर बन पिता का सपना पूरा करने की ठान ली थी। कुछ मदद रिश्तेदारों ने तो कुछ परिवार ने की। प्रेरणा की मां ने बेटी के लिए दो लाख रुपए का और कर्ज लिया, ताकि बेटी डॉक्टर बन सके।
इन तमाम हालातों के बीच घर में पांच सौ रुपए भी मुश्किल से बच पाते, इन रुपयों से पांच सदस्यों का पेट भरना चुनौतीपूर्ण था। तमाम घटनाक्रम के बीच प्रेरणा ने बारह-बारह घंटे मेहनत की। मां और भाई-बहनों ने साथ दिया। परिणाम सुखद आया। परिवार की हालत अब कुछ सुधर गई है। उधर प्रेरणा एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उनकी बड़ी बहन शिक्षक भर्ती की तैयारियां कर रही है। दो भाई इंजीनियरिंग और साइंस विषय में पढ़ाई कर रहे हैं।