
कोटा. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल कोटा आए
कोटा. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) शुक्रवार को कोटा आए। यहां उन्होंने कृषि विधेयकों को लेकर कहा, इन्हें ढंग से पढ़ा है। इससे किसानों का भला नहीं होगा। उस समय मैं लोकसभा में नहीं था, गलत तरीके से मेरी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव बता दी थी। एक बार प्रधानमंत्री से मिलकर इसमें बदलाव के लिए अनुरोध करूंगा। बिल के अनुसार संविदा खेती में कंपनी और किसान के बीच विवाद होने पर अंतिम निर्णय एसडीएम करेगा। किसान कोर्ट में नहीं जा सकेगा। ऐसे में किसान को न्याय नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा, यदि सरकार ने इसमें बदलाव नहीं किया तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। हमारी पार्टी ने कृषि विधेयकों का विरोध करने का निर्णय किया है। अभी कोरोना के कारण आंदोलन शुरू नहीं किया है, पहले वैक्सीन आ जाए तो फिर आंदोलन भी करेंगे। यदि किसानों के मुद्दों पर एनडीए से अलग भी होना पड़े तो एक मिनट में ही अलग हो जाएंगे। नाता जोडऩे में जितना समय लगा, तोडऩे में भी उतना ही समय लगेगा। पहले एक बार प्रधानमंत्री से मिलकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा, हम स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं। इससे ही किसानों का भला होगा। अभी उड़द की खरीद शुरू नहीं की है। राज्य और केन्द्र सरकार एक दूसरे पर टाल रहे हैं।
राजस्थान को लेकर ये बोले बेनीवाल
बेनीवाल ने कहा, राजस्थान बलात्कार और महिला उत्पीडऩ के मामले में देश में नम्बर एक हो गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का मिलाजुला खेल जिम्मेदार है। पिछले 20 साल से दोनों मिलकर बारी-बारी से शासन कर रहे हैं।
राजस्थान गैंगवार का अड्डा और अपराधियों का ऐशगाह बन गया है। जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। बेनीवाल ने आरोप लगाकर दावा किया कि जब गहलोत सरकार संकट में आई तो वसुंधरा ने 20 विधायकों के समर्थन का भरोसा दिया था। वसुंधरा का बंगला बचाने के लिए सरकार नया विधेयक लेकर आई। उन्होंने कहा, गहलोत चाहते हैं कि भविष्य में कभी राजस्थान में कांग्रेस की सरकार नहीं बने, ताकि लोग यही कहें कि कांग्रेस के आखिरी शासक अशोक गहलोत थे। वे बहादुर शाह जफर की तरह बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा, राजस्थान में मीडिया भी सुरक्षित नहीं है। सिविल लाइंस में प्रतिबंधित कर दिया है और पत्रकारों को खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है।
कोटा को लेकर ये बोले
कोटा में नाव दुखांतिका में 14 लोगों की मौत हुई, लेकिन सरकार से ठीक से जांच तक नहीं कराई। जब जेकेलोन में बच्चे मर रहे थे तो चिकित्सा मंत्री यह कह दिया कि भर्ती करना बंद कर दो, आंकड़े कम हो जाएंगे।
Published on:
09 Oct 2020 10:04 pm

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