शिक्षा नगरी की तस्वीर बदल गई है। शहर का नया हेरिटेज लुक लोगों को लुभा रहा है। वहीं फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण से यातायात सुगम हो गया है। चौराहों पर जहां पहले ट्रैफिक लाइट के चलते लम्बा इंतजार करना पड़ता था, अब गाडिय़ां स्पीड में दौड़ रही हैं। हालांकि अभी भी रोड के कट जख्म दे रहे हैं। सुधार की गुंजाइश है। हाल ही सीएम अशोक गहलोत और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने 700 करोड़ से अधिक के विकास कार्य जनता को समपर्पित किए हैं। अब दूसरे फेज के विकास कार्य चम्बल रिवरफ्रंट और सिटी पार्क के हैं।
कोटा शहर के सम्पूर्ण विकास के लिए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने राज्य सरकार के इसी कार्यकाल में हर क्षेत्र में सुनियोजित विकास की योजनाएं बनाकर पूरी करने के निर्देश दिए। इन विकास कार्यों के वित्तीय प्रबंधन के लिए मुख्य रूप से नगर विकास न्यास, स्मार्ट सिटी के काम और रूडसीको और हुडको से ऋण लेकर काम करना सुनिश्चित किया गया।
आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए देव नारायण योजना
शहर में स्थाई या अस्थाई निवासरत पशुपालकों एवं दुग्ध विक्रेताओं के लिए देवनारायण आवासीय पशुपालक योजना में 738 आवासों का निर्माण कर सभी पशुपालकों एवं दुग्ध विक्रेताओं को वहां स्थानान्तरित करने की योजना का कार्य पूर्ण हो गया है। इसके अन्दर 648 परिवारों को पशुओं सहित पुर्नवास कर दिया गया है। यहां बायो गैस प्लांट का काम अंतिम चरण में है। प्लांट में स्थानीय पशुपालकों से गोबर खरीदा जा रहा है। इससे पशुपालकों की आय बढ़ रही है, वहीं गोबर का उचित निस्तारण भी हो रहा है। प्रोजेक्ट से गैस और खाद बनना शुरू हो गई है।
नियमित जल आपूर्ति
शहर के अन्दर 50 एमएलडी एवं 70 एमएलडी के जल संशोधन संयंत्र प्रगति पर हैं। इनके अतिरिक्त पानी की 12 टंकियां एवं करीबन 100 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। इससे कोटा शहर में 24 घंटे नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध करवाने की योजना है।
सुगम यातायात के लिए बनाए एलिवेटेड रोड व अंडरपास
शहर में सुगम यातायात के लिए 5 स्थानों पर एलिवेटेड रोड (अनन्तपुरा चौराहा, सिटी मॉल, गुमानपुरा, बोरखेडा, महाराणा प्रताप चौराहा) का निर्माण किया गया। इसके अलावा 3 स्थानों गोबरिया बावडी, एरोड्राम एवं अण्टाघर चौराहे पर अण्डरपास का निर्माण किया गया। इसके अलावा कोटड़ी चौराहे पर ग्रेड सेपरेटर, कई अन्य जगहों पर स्लीप लेन एवं मुख्य सड़कों पर अण्डरपास का निर्माण कार्य किया गया। इसी के साथ चौराहों को विकसित करना, सड़कों का विस्तार एवं सु²ढ़ीकरण कार्य भी किया गया। गुमानपुरा एवं आर्य समाज रोड सरोवर टॉकिज पर मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया गया। इससे कोटा शहर ट्राफिक लाइट मुक्त हो गया है। यातायात सुगम हो सकेगा। यह पूरे भारत में अपनी तरह का पहला प्रयोग है।
पर्यटन विकास के कार्य
पर्यटन की ²ष्टि से कोटा में विकास की प्रबल संभावनाएं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए चम्बल नदी पर लगभग 1100 करोड़ रुपए की लागत से रिवरफ्रंट का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से सिटी पार्क (ऑक्सीजोन) एवं अन्य पार्क का कार्य प्रगति पर हैं।
हेरिटेज संरक्षण भी
कोटा के स्टेशन क्षेत्र में सुभाष पुस्तकालय भवन के जीर्णोद्धार, राजकीय महाविद्यालय भवन के जीर्णोद्धार, सूरजपोल गेट के जीर्णोद्धार, किशोरपुरा गेट के जीर्णोद्धार, लाडपुरा व पाटनपोल गेट के जीर्णोद्धार पर करीब 25 करोड़ खर्च रुपए खर्च कर इनका विकास किया जा रहा है।
खेलों को मिलेगा बढ़ावा
शहर में खिलाडिय़ों के समुचित विकास व अभ्यास के लिए शहर में स्पोट््र्स कॉम्पेलेक्स का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए 25 करोड़ रुपए की लागत से स्पोटर्स कॉम्पेलक्स में विभिन्न प्रकार के खेलों के अभ्यास व खिलाडिय़ों के लिए सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।