
चाणक्य नीति: जिस विद्यार्थी में होते हैं ये गुण, उसे आचार्य चाणक्य के अनुसार हर क्षेत्र में मिलती है सफलता
चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री आचार्य चाणक्य एक महान रणनीतिकार और शिक्षक थे। आचार्य चाणक्य की नीतियां लोक कल्याण के लिए बहुत लाभकारी मानी गईं हैं। चाणक्य नीति शास्त्र में जीवन के हर पहलू को गहराई से समझाया गया है। आचार्य चाणक्य के अनुसार विद्यार्थी का जीवन एक तपस्या की समान होता है। एक विद्यार्थी अपने आसपास के माहौल के अनुसार बहुत सी चीजें सीखता है परंतु अनूकूल वातावरण ना मिलने के बावजूद आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस विद्यार्थी में ये गुण होते हैं उसे अपने हर काम में सफलता मिलती है...
1. अनुशासन है जरूरी
हर विद्यार्थी के जीवन में अनुशासन बहुत महत्व रखता है। अनुशासन एक विद्यार्थी को अपने लक्ष्य को जल्दी और आसानी से प्राप्त करने में मदद करता है। जबकि अनुशासनहीन छात्र अपने कार्यों को समय पर पूरा नहीं कर पाते और अपने मार्ग से भटक जाते हैं।
2. आलस से रहें दूर
आलस्य को एक विद्यार्थी का सबसे बड़ा दुश्मन बताया गया है। आलस की चपेट में आया हुआ विद्यार्थी अपने कार्यों और जीवन में कभी तरक्की नहीं प्राप्त कर पाता। जबकि आलस्यहीन विद्यार्थी फुर्ती से अपने उद्देश्य को पूरा करने में लगा रहता है।
3. लोभ बिल्कुल ना करें
लालच व्यक्ति को बुरे काम करने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए एक विद्यार्थी को कभी किसी चीज का लोभ नहीं करना चाहिए। लेकिन आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर किसी विद्यार्थी में केवल ज्ञान अर्जित करने का और अपने मुकाम तक पहुंचने का लालच है तो उसे सफलता अवश्य मिलेगी।
4. काम-वासना से मुक्त
चाणक्य नीति के मुताबिक जो विद्यार्थी एक बार काम-वासना से लिप्त हो जाता है वह अपने लक्ष्य से दूर हो जाता है। ऐसे लोगों को किसी काम में सफलता नहीं मिलती। इसलिए जो विद्यार्थी काम-वासना से मुक्त है उसकी सब जगह तारीफ भी होती है और वो अपने कार्यों पर भी ध्यान केंद्रित कर पाता है।
यह भी पढ़ें: हस्तरेखा शास्त्र: हथेली के ये निशान माने जाते हैं बहुत खास, जानिए इनसे जुड़े शुभ-अशुभ फलों के बारे में
Published on:
09 May 2022 01:27 pm
बड़ी खबरें
View Allलाइफस्टाइल
ट्रेंडिंग
स्वास्थ्य
