
Chaitra Navratri Fasting Rules | image credit gemini
Chaitra Navratri Fasting Rules: चैत्र नवरात्रि आने में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। ऐसे में भक्त माता रानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के साथ ही व्रत रखने की तैयारियों में जुट गए हैं। अक्सर भक्ति के उत्साह में कुछ लोग अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे शरीर में कमजोरी या बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। व्रत के दौरान खुद को ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रखने के लिए सही खान-पान और जीवनशैली का पालन करना बेहद जरूरी है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए आज के इस लेख में हम चैत्र नवरात्रि में व्रत रखने के दौरान किन-किन बातों का पालन करना चाहिए, जिससे आप व्रत सफलतापूर्वक रखने के साथ ही हेल्दी और फिट भी बने रहें, इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
चैत्र नवरात्रि के दौरान देश के कुछ हिस्सों में काफी ज्यादा गर्मी पड़ती है, ऐसे में पानी कम पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। दिन भर में कम से कम 6 से 8 गिलास या अपने शरीर की जरूरत के अनुसार पानी जरूर पिएं। पानी के अलावा आप नारियल पानी, ताजे फलों का जूस या नींबू पानी भी ले सकते हैं। इससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और डिहाइड्रेशन के कारण होने वाले सिरदर्द या चक्कर आने जैसी समस्याओं से बचाव होता है।
व्रत का अर्थ खुद को भूखा रखना नहीं, बल्कि सात्विक और पौष्टिक भोजन करना होता है। इसलिए व्रत के दौरान केवल फल और पानी पर रहने के बजाय अपनी डाइट में कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना, दूध और दही जैसी चीजों को शामिल करें। हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करने से शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन मिलते रहते हैं, जिससे दिन भर काम करने की शक्ति बनी रहती है और थकान महसूस नहीं होती।
अक्सर लोग व्रत के नाम पर कुट्टू की पकौड़ियां या आलू के चिप्स जैसे हैवी और ऑयली खाने का सेवन ज्यादा करने लगते हैं। ज्यादा तेल और मसालों वाला भोजन पेट में एसिडिटी, भारीपन और कब्ज की समस्या पैदा कर सकता है। कोशिश करें कि उबली हुई सब्जियां, भुने हुए मखाने या दही जैसी चीजों का सेवन करें, जो पचने में आसान हों और शरीर को तुरंत एनर्जी दें।
व्रत के दौरान भारी वर्कआउट या जिम जाने के बजाय हल्का योग और प्राणायाम करना बहुत फायदेमंद होता है। सुबह या शाम के समय 15-20 मिनट का ध्यान (Meditation) करने से मन शांत रहता है। अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायाम शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाते हैं, जिससे आपका एनर्जी लेवल स्थिर रहता है और आप अंदरूनी रूप से तरोताजा महसूस करते हैं।
उपवास के दौरान शरीर की ऊर्जा को बचाए रखना जरूरी है। इसलिए रात में कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद जरूर लें। यदि पूजा-पाठ या व्रत की वजह से दिन में थकान महसूस हो, तो थोड़ा समय निकालकर आराम करें। सही आराम मिलने से मानसिक शांति बनी रहती है और तनाव कम होता है, जिससे आप पूरे नौ दिन तक भक्ति में मन लगा पाते हैं।
यदि आप पहले से ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किसी अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो बिना डॉक्टरी सलाह के उपवास न रखें। ऐसे में भूखे रहना आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। डॉक्टर से सलाह लेकर ही अपनी डाइट और दवाओं का शेड्यूल तय करें ताकि आपकी आस्था और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
17 Mar 2026 03:30 pm
Published on:
17 Mar 2026 03:26 pm
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