Glass Sponge एक अनोखा समुद्री जीव है जो दिखने में कांच जैसा लगता है लेकिन असल में यह एक जिंदा जानवर है। इसका शरीर सिलिका से बना होता है और यह गहरे ठंडे समुद्र में पाया जाता है जहां रोशनी भी नहीं पहुंचती।
Glass Sponge : ग्लास स्पॉन्ज एक ऐसा समुद्री जीव है जो देखने में किसी कांच के टुकड़े जैसे लगता है लेकिन असल में यह एक जिंदा जानवर है। इसका साइंटिफिक नाम हेक्साक्टिनेलिडा (Hexactinellida) है। ये समुद्र के बहुत गहरे और ठंडे इलाके में पाया जाता है, जहां रोशनी तक नहीं जाती। इसका शरीर सिलिका (Silica) नाम के कांच जैसे एलिमेंट से बना होता है इसी वजह से इसका नाम ग्लास स्पॉन्ज रखा गया है। अक्सर लोग इसे देखकर सोचते है की ये कोई पत्थर या कोई समुद्री पौधा होगा लेकिन यह असल में एक जीव है जो अपने तरीके से जीता हैं।
आपको जनकर हैरानी होगी की ग्लास स्पॉन्ज की उम्र 10,000 से 15,000 साल तक हो सकती है। यानि जब धरती पर इंसानो की सिविलाइजेशन की शुरुआत भी नहीं हुई थी तब से कुछ ग्लास स्पॉन्ज आज तक जिंदा हैं। साइंटिस्ट्स ने अंटार्कटिका और चीन सी के इलाकों में पाए गए कुछ ग्लास स्पॉन्ज की उम्र को चेक किया और तब उन्होंने पाया की कुछ ऐसे भी ग्लास स्पॉन्ज है, जिनकी उम्र 11,000 वर्ष से भी ज्यादा है।
साइंस डायरेक्ट के द्वारा पब्लिश किए गए एक जर्नल में साइंटिस्ट्स ने बताया है की अंटार्टिका के गहरे समुद्र में ग्लास स्पॉन्ज की 2 प्रजातियां पाई गई, एनोक्सीकॉलिक्स जोबिनी (Anoxycalyx joubini) और रोस्सेल्ला नुदा (Rossella nuda) जिन्होंने लगातार 10 वर्षों तक कोई विकास या बदलाव नहीं दिखाया। जिससे यह साफ होता है कि इनका विकास बहुत धीमा होता है। ऐसी धीमी रफ्तार और शांत लाइफस्टाइल ही इन्हें लंबे समय तक जीवित रहने में मदद करती है।
ग्लास स्पॉन्ज की जिंदगी बहुत धीमी और शांत होती है। ये बहुत धीरे बढ़ता है और इसका मेटाबॉलिज्म यानी शरीर की काम करने की प्रक्रिया बहुत धीमी होती है। यही कारण है कि इसे ज्यादा ऊर्जा की जरूरत नहीं होती और ये बिना ज्यादा बदलाव के सालों तक जिंदा रह सकता है।
ये गहरे और ठंडे समुद्र में रहता है, जहां कोई बड़ा खतरा नहीं होता और तापमान भी स्थिर रहता है। इसका स्ट्रक्चर सिलिका से बना होता है जिसकी वजह से ये इतना मजबूत होता है कि ये टूटता या खराब नहीं होता। यही वजह है जिससे इसकी उम्र और बढ़ जाती है।
ग्लास स्पॉन्ज अपने चारों ओर के पानी को छानकर उसमें मौजूद माइक्रो-ऑर्गनिजम (micro organisms) को खाता है। ये पानी साफ करता है और साथ ही समुद्र के छोटे जीवों को अपने स्ट्रक्चर में रहने की जगह भी देता है। इसकी बनावट कई दूसरे समुद्री जीवों के लिए जैसे छोटा-सा घर बन जाती है, जहां वे छिप सकते हैं या रह सकते हैं।
ग्लास स्पॉन्ज सिर्फ खुद ही जिंदा नहीं रहता, बल्कि समुद्र की पूरी इकोसिस्टम में एक इंपॉर्टेंट रोल निभाता है। ये पानी को साफ रखने में मदद करता है और साथ ही समुद्री जीवन को सहारा भी देता है। साइंटिस्ट इसकी लंबी उम्र और इसके फ्रेम को लेकर लगातार स्टडी कर रहे हैं ताकि ये समझा जा सके कि इतना लंबा जीवन कैसे संभव होता है।