
सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट के नाम पर 2,727 करोड़ की ठगी, जालसाजों ने सोशल मीडिया को बनाया हथियार
लखनऊ. कुंभ मेले के नाम पर फर्जी टेंडर निकालकर करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने पर्यटन विभाग के नाम पर 2,727 करोड़ रुपये के फर्जी टेंडर निकाल लिये। विभाग के प्रबंध निदेशक संचालन अक्षय नागर ने अज्ञात लोगों के खिलाफ राजधानी के गोमतीनगर थान में मुकदमा दर्ज कराया है। पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि केस दर्ज कराया जा चुका है। पर्यटन विभाग के नाम पर फर्जी टेंडर निकालने का मामला बेहद गंभीर है। सामने आया है कि जालसाजों ने सोशल मीडिया के जरिये ठगी का पूरा जाल बुना था, जिसमें देश के कई बड़े बिजनेसमैन फंस गये।
शातिर जालसाजों ने पर्यटन विभाग के नाम पर करोड़ों के फर्जी टेंडर निकालकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिये। डॉक्युमेंट्री फिल्म मेकिंग, चादरों और कंबलों की सप्लाई के नाम पर ठगी का शिकार हुए लोगों ने जब पर्यटन महानिदेशक अवनीश अवस्थी को टेंडर के बारे में बताया तो उन्होंने साफ मना कर दिया। कहा कि विभाग की ओर से ऐसी कोई निविदा नहीं जारी की गई है। तब लोगों को खुद के ठगे जाने का अहसास हुआ है। दिल्ली के एक कारोबारी के मुताबिक, वह 444 करोड़ के टेंडर के बदले जालसाजों को दो करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट दे चुके हैं। ऐसे ही अन्य शिकायतकर्ताओं ने बताया कि ठेके दिलाने के नाम पर उनसे भी पैसे ठगे गये हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार कुंभ मेले को ऐतिहासिक बनाने के लिये पूरी तरह प्लानिंग कर रही है। पर्यटन विभाग के पास ही इसका जिम्मा है। विभाग को कुंभ मेले के दौरान निर्माण कार्य से लेकर सामान सप्लाई तक की व्यवस्था करनी है। इसी का फायदा उठाकर जालसाजों ने फर्जी टेंडर निकालकर सनसनी फैला दी।
ठगी के शिकार लोगों ने बताया
ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि यूपी पर्यटन विकास निगम की ओर से डॉक्युमेंट्री फिल्म के डायरेक्शन व प्रोडक्शन के अलावा अन्य टेंडर नोडल अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह की ओर से निकाले गये, जबकि इस नाम का कोई कर्मचारी नहीं है। पर्यटन विभाक के संयुक्त निदेशक ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से सारे ई-टेंडर वेबसाइट पर उपलब्ध होते हैं। बगैर पर्यटन विभाग से संपर्क करे कोई भी टेंडर के लिए आवेदन न करे।
सोशल मीडिया के जरिये बुना ठगी का जाल
जालसाजों ने कुंभ मेले के नाम पर फर्जी टेंडर निकालकर करोड़ों की धोखाधड़ी का जाल सोशल मीडिया के सहारे बुना था। फेसबुक, वाट्सएप के जरिये जालसाजों ने पर्यटन विभाग से 2,727 करोड़ के टेंडर निकाले जाने की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल की थी। यूपी के गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ ही नहीं दिल्ली, गुजरात, मुंबई के नामचीन बिजनेसमैन ठगों के जाल में फंस गये और आवेदन किया। इनमें से कई आवेदकों ने मोटी रकम तक जमा कर दी। वाट्सएप के जरिये टेंडरों का कारोबार करने वाले एक शख्स को बीते दिनों कुंभ मेला प्राधिकरण ने पकड़ा था, जो सोशम मीडिया के सहारे टेंडरों का लेन-देन कर रहा था।
Updated on:
21 Jul 2018 12:28 pm
Published on:
21 Jul 2018 12:15 pm
