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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सरकारी कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। यूपी सरकार ने उन्हें मिलने वाले छह तरह के सरकारी भत्तों को समाप्त कर दिया है। सरकार द्वारा जारी शासनादेश में सभी सरकारी दफ्तरों को तत्काल प्रभाव से इसका पालन करने के लिए कहा गया है। अपर मुख्य सचिव ने इसमें बताया गया है कि सभी राजकीय अधिकारियों व कर्मचारियों को समय-समय पर ऐसे भत्ते मिल रहे थे, जिनके लिए अनुभव किया गया है कि अब उनकी प्रासंगिकता नहीं रह गई है। ऐसा में गहन विचार के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने निर्देश दिया है कि इन सभी भत्तों को, जो पूर्व में किसी भी सरकार द्वारा अनुमन्य किए गए हों, तो तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया जाए।
कर्मचारी कर सकते हैं विरोध-
इस आदेश के बाद सभी सरकारी कर्मचारियों का हजारों का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में मुमकिन है आज या कल में सरकार कर्मचारी इसका विरोध करें।
यह भत्ते हुए समाप्त-
- द्विभाषी प्रोत्साहन भत्ता
- कम्प्यूटर संचालन के लिए प्रोत्साहन भत्ता
- स्त्रातकोत्तर भत्ता
- कैश हैंडलिंग भत्ता
- परियोजना भत्ता (सिंचाई विभाग)
- स्वैच्छिक परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत अतिरिक्त प्रोत्यासन भत्ता
Updated on:
22 Aug 2019 07:17 pm
Published on:
22 Aug 2019 07:14 pm
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