
लखनऊ में आयुर्वेद फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों का विधानसभा घेराव, लंबित भर्ती को लेकर जोरदार प्रदर्शन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Ayurveda Pharmacist Student Protest: राजधानी लखनऊ में आयुर्वेद फार्मासिस्ट भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। लंबित भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया और जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में पोस्टर, बैनर और नारों के साथ पहुंचे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और शीघ्र नियुक्ति की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपने हाथों में “हर पेशी पर नई तारीख” और “तारीखों से नहीं चलेगा काम” जैसे पोस्टर लेकर विरोध जताया। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है और हर बार नई तारीख देकर उन्हें टाल दिया जाता है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस देरी के कारण उनका भविष्य अधर में लटक गया है। कई अभ्यर्थी वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन नियुक्ति न होने के कारण वे मानसिक और आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।
इस प्रदर्शन में महिला अभ्यर्थियों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर प्रदर्शन में शामिल हुईं, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है। महिला अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में देरी उनके सपनों को तोड़ रही है। उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने “न्याय में देरी, अत्याचार है” जैसे नारे भी लगाए। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी न केवल उनके करियर को प्रभावित कर रही है बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाती तो वे अब तक अपने-अपने पदों पर कार्यरत होते।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने एक साथी अभ्यर्थी की आत्महत्या का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि लंबे समय से चल रही अनिश्चितता और निराशा ने कई अभ्यर्थियों को मानसिक रूप से प्रभावित किया है।उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए सरकार से संवेदनशीलता दिखाने और जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से सीधे अपील की कि आयुर्वेद फार्मासिस्ट भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। उनका कहना है कि यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं बल्कि उनके भविष्य और परिवार की जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है। उन्होंने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया की स्पष्ट समयसीमा तय की जाए और उसे निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए।
विधानसभा घेराव के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और प्रदर्शन को नियंत्रित करने का प्रयास करता रहा। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन अभ्यर्थियों की संख्या और उनके आक्रोश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
जानकारों के अनुसार आयुर्वेद फार्मासिस्ट भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। विभिन्न कारणों से इसमें देरी होती रही है, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई बार अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
प्रदर्शन के साथ-साथ यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी तेजी से उठ रहा है। अभ्यर्थी ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रख रहे हैं और सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं। कई यूजर्स ने अभ्यर्थियों के समर्थन में पोस्ट साझा किए और भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देगी और जल्द कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रोजगार से जुड़े मुद्दे युवाओं के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। यदि समय रहते इनका समाधान नहीं किया गया तो यह असंतोष और बढ़ सकता है।
Updated on:
17 Mar 2026 07:07 pm
Published on:
17 Mar 2026 06:02 pm
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