
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ।
UP Politics: छात्र संघ चुनाव को लेकर कुलपतियों की मनमानी से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गहरी नाराजगी प्रकट की है। विश्वविद्यालय में छात्र संघ को लोकतंत्र की नर्सरी माना जाता है लेकिन छात्र संघ चुनाव न होने से छात्रों की आवाज दबी रह जाती है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में ऐसे लोग विश्वविद्यालय में कुलपति बने बैठे हैं जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जल्दी ही ऐसे भ्रष्ट कुलपतियों की रैंकिंग सूची जारी करेगा। परिषद के राष्ट्रीय मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने आरोप लगाया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत है। वह बिहार के पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए थे, जिसकी लोकायुक्त द्वारा जांच चल रही है इसके बावजूद सर्च कमेटी ने उनकी नियुक्ति की सिफारिश की है।
विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारी ने सवाल उठाया की आगरा विश्वविद्यालय, राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल, प्रोफेसर रवि शंकर सिंह और प्रोफेसर प्रदीप कुमार मिश्रा से भ्रष्टाचार के आरोप में जबरन इस्तीफा लिया गया। उन पर लगे आरोपों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अगर इनके खिलाफ FIR नहीं हुई है तो आखिर किसे बचाने के लिए इन से इस्तीफा लिया गया है।
Published on:
21 Aug 2023 04:25 pm
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