12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पुलिस विभाग में डर का माहौल, अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए एडीजी ने मांगी सूची, इन IPS व PPS पर हो चुकी है कार्रवाई

Compulsory retirement: डीजीपी मुख्यालय ने पूर्व में भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए 20 मार्च तक सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है। अपर पुलिस महानिदेशक स्थापना संजय सिंघल की ओर से लिखे गए पत्र में याद दिलाया गया है कि 6 दिसंबर, 24 दिसंबर 2021, 11 जनवरी व 22 फरवरी 2022 को पत्र भेजकर कर्मचारियों की कार्यवाही पूरी करने के लिए कहा गया था।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Prashant Mishra

Mar 13, 2022

papa.jpg

Compulsory retirement: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के रिजल्ट सामने आने के बाद पुलिस विभाग 50 वर्ष उम्र पार कर चुके पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति करने की योजना तैयार कर रहा है। इसके लिए अपर पुलिस महानिदेशक स्थापना की ओर से सभी जिले के कप्तान व विभिन्न शाखाओं के प्रमुखों को पत्र लिखकर 20 मार्च तक स्क्रीनिंग पूरी कर अधिकारियों व कर्मचारियों सूची मांगी है।

Compulsory retirement: डीजीपी मुख्यालय ने पूर्व में भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए 20 मार्च तक सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है। अपर पुलिस महानिदेशक स्थापना संजय सिंघल की ओर से लिखे गए पत्र में याद दिलाया गया है कि 6 दिसंबर, 24 दिसंबर 2021, 11 जनवरी व 22 फरवरी 2022 को पत्र भेजकर कर्मचारियों की कार्यवाही पूरी करने के लिए कहा गया था। लेकिन स्क्रीनिंग अभी तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में सभी विभागों के विभागाध्यक्ष व जिले के कप्तानों को 20 मार्च तक स्क्रीनिंग पूरी कराकर ऐसे कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित दिए गए हैं जिनकी अनिवार्य सेवानिवृत्त की आवश्यकता है। ‌

ये भी पढ़ें: Holi special bus: होली पर ट्रेनों में नहीं मिला टिकट तो बस है विकल्प, इस होली पर बसों की भरमार...

रूटीन प्रक्रिया है

पुलिस विभाग विभाग में अनिवार्य सेवानिवृत्ति एक रूटीन प्रक्रिया है जिसके तहत 50 वर्ष से अधिक की आयु पूरी कर चुके भ्रष्ट व अयोग्य कर्मचारियों को चिन्हित कर सेवानिवृत्त दी जाती है। इससे पहले भी योगी सरकार ने रूटीन कार्रवाई के तहत कई अधिकारियों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्त किया है। नवंबर 2019 में योगी सरकार ने कार्रवाई करते हुए सात पीपीएस अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी थी। अनिवार्य सेवानिवृत्ति पाने वाले अधिकारियों में अरुण कुमार, विनोद कुमार गुप्ता, नरेंद्र सिंह, रतन कुमार यादव, तेजवीर सिंह यादव, संतोष कुमार सिंह, तनवीर अहमद जैसे नाम शामिल है। योगी सरकार ने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान मुलायम सिंह यादव को चुनौती देने वाले आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई की थी।

ये भी पढ़ें: Holi Special Train: होली पर जाना है घर तो इन ट्रेनों में बुक करा सकते हैं टिकट