
बदल गया इलाहाबाद का नाम, योगी सरकार का बड़ा फैसला, कैबिनेट ने लगाई फाइनल मुहर
लखनऊ. इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने पर योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है। लंबे समय से चल रही संतों की मांग पर योगी सरकार ने आखिरकार नाम बदलने का निर्णय ले लिया है। मंगलवार को हुई प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इलाहबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। संगम, ब्रह्मा की यज्ञस्थली और महर्षि भारद्वाज की तपोस्थली जैसी तमाम खासियतों से अपनी अलग पहचान रखने वाला इलाहाबाद अब प्रयागराज के नाम से जाना जाएगा। आपको बता दें कि हिंदू धर्म के तमाम धर्म ग्रंथों में इलाहाबाद को पहले भी प्रयागराज के रूप में ही जाना जाता था।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
दरअसल मुगल शासक अकबर ने प्रयागराज को इलाहाबाद नाम दिया था। बीते काफी दिनों से इलाबादाद को प्रयागराज नाम देने के लिए आवाज उठती रही। अंग्रेजी शासनकाल में सबसे पहले यह आवाज उठाने वाले भारतरत्न महामना मदनमोहन मालवीय थे। उसके बाद कई लोगों ने समय-समय पर यह मांग दोहराई और अब आखिरकार यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सभी की मांगों को पूरा कर दिया है।
संतों ने उठाई थी नाम बदलने की मांग
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों कहा था कि संतों और कई गणमान्य लोगों ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किए जाने की मांग करते हुए प्रस्ताव रखा था। हमारी सरकार ने पहले ही प्रयागराज मेला प्राधिकरण का गठन करने की मंजूरी भी दे दी थी। उन्होंने इस प्रस्ताव को समर्थन देते हुए कहा कि जहां दो नदियों का संगम होता है उसे प्रयाग कहा जाता है। इसी तरह उत्तराखंड में भी ऐसे कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग पहले से ही स्थित है। प्रयागराज में भी हिमालय से निकलने वाली दो नदियों का संगम होता है और यह तीर्थों का राजा है। ऐसे में इलाहाबाद का नाम प्रयाग राज किया जाना एकदम उचित होगा।
Published on:
16 Oct 2018 12:36 pm
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