
भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूपी में निकाय चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। आयोग कभी भी चुनाव के तरीखों का ऐलान कर सकता है। इसी बीच भीम आर्मी के चीफ चंद्र शेखर आजाद ने निकाय चुनाव आरक्षण पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में अनुसूचित जाति को आबादी के अनुसार आरक्षण मिलना चाहिए। उस अनुसार नहीं मिला।
निकाय चुनाव में आरक्षण लिस्ट जारी होने के बाद सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गई हैं। सपा, बीजेपी और बसपा निकाय चुनाव के लिेए रणनीति तैयार करने में लग गई हैं।
आरक्षण पर उठाए सवाल
चंद्र शेखर आजाद ने शनिवार को एक के बाद एक ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “नगर निकाय चुनाव में दलितों के आरक्षण के साथ दिन दहाड़े डकैती। यह है भाजपा का "सबका साथ सबका विकास" का छलावा। 2011 की जनगणना के अनुसार यूपी में दलितों की नगरीय आबादी 22.27 % है जबकि 21% आरक्षण प्राप्त है। इस हिसाब से नगर निगम की 04 सीटें आरक्षित होनी चाहिए लेकिन सिर्फ 02 की गई।"
दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, “ इसी तरह नगर पालिका की 42 सीटें आरक्षित होनी चाहिए लेकिन सिर्फ 27 की गई और नगर पंचायत की 114 सीटों के स्थान पर केवल 74 सीटें दलितों के लिए आरक्षित की गई हैं। बाबा साहब के संघर्षों से प्राप्त संविधान प्रदत्त व्यवस्था(आरक्षण) से हम एक इंच भी छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
नगर निकाय चुनाव में 205 सीटें हैं रिजर्व
यूपी में करीब 762 नगर निकायों के लिए चुनाव होने हैं। इनमें नगर निगम की 17, नगर पालिका परिषद की 199 बाकी शेष नगर पंचायत की सीटें हैं। नगर निगम की में छह सीटों पर बदलाव हुए हैं। जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक यूपी नगर पालिका में 73 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 205 सीटें रिजर्व हैं जो पहले से ही थी।
17 नगर निगमों के महापौर पद के लिए वाराणसी, प्रयागराज, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर, अयोध्या, मथुरा, वृंदावन की सीट अनारक्षित है जबकि आगरा की सीट अनुसूचित जाति महिला, झांसी की अनुसूचित जाति, शाहजहांपुर की पिछड़ा वर्ग महिला, फिरोजाबाद की पिछड़ा वर्ग महिला, सहारनपुर की पिछड़ा वर्ग, मेरठ की पिछड़ा वर्ग, लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद की सीट महिला के लिए आरक्षित है।
Updated on:
01 Apr 2023 05:22 pm
Published on:
01 Apr 2023 05:19 pm
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