
Aparna yadav समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद भाजपा ज्वाइन करने वाली मुलायम यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को सीधी चुनौती दे सकती हैं। एक कार्यक्रम में बयान देते हुए अपर्णा यादव ने कहा है कि अगर पार्टी उन्हें करहल से अखिलेश यादव के खिलाफ टिकट देगी तो वह वहां से भी चुनाव लड़ेगे। जिसके बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि करहल विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी अपर्णा यादव को अखिलेश यादव के खिलाफ उम्मीदवार बना सकती है।
मुलायम की बहूं है अपर्णा
अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे प्रतीक की पत्नी हैं पिछले लंबे समय से यह भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के प्रति सकारात्मक नजर आ रही थीं। बीते दिनों उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली है। इससे पहले यह समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं। हालांकि, इन्हे हार का सामना करना पड़ा था। वही, एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी इन्हें अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता के खिलाफ करहल से चुनाव लड़ा सकती है।
सपा का गढ़ है करहल सीट
विधानसभा सीट यादवों का गढ़ माना जाता है यहां पर लगभग 40% यादव बिरादरी के लोग रहते हैं। 1993 से इस सीट पर समाजवादी पार्टी का दबदबा है। सिर्फ 2002 में भारतीय जनता एक बार इस सीट पर विधानसभा चुनाव जीती है। हालांकि, इसके बाद फिर से समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर अपना दबदबा कायम रखा है। करहल विधानसभा सीट पर 371241 वोट हैं जिनमें से 201394 पुरुष व 169851 महिला मतदाता है। क्षेत्र में 16 ट्रांसजेंडर मतदाता भी हैं।
ये हैं सीट पर उम्मीदवार
करहल सीट पर उम्मीदवारों की बात करें तो समाजवादी पार्टी ने यहां से सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव को उम्मीदवार बनाया है। वहीं बसपा ने कुलदीप नारायण को टिकट दिया है। कांग्रेस से ज्ञानवती देवी मैदान में हैं। अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट पर उम्मीदवार की औपचारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन जिस तरह से अपर्णा यादव ने एक कार्यक्रम में बयान दिया है कि वह अखिलेश यादव के खिलाफ भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी अपर्णा यादव को करहल विधानसभा सीट से टिकट दे सकती है।
Updated on:
31 Jan 2022 09:49 am
Published on:
31 Jan 2022 09:45 am
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