
लखनऊ. कहा जाता है कि सचिवालय में फाइल कई दिनों तक एक टेबल से दूसरे दूसरे टेबल पर चक्कर लगाती रही हैं। इसी कारण तमाम योजनाओं को शुरू करने में देरी होती है लेकिन अब योगी सरकार सचिवालय में ई-ऑफिस की व्यवस्था के साथ इन कमियों को दूर करने जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को विधानभवन के तिलक हाल में सचिवालय के ई-ऑफिस व्यवस्था की शुरुआत करेंगे। माना जा रहा है कि अब सचिवालय में फाइल तीन दिन से ज्यादा नहीं रुकेगी।
ई-ऑफिस की व्यवस्था पहले चरण में यह व्यवस्था 22 विभागों में लागू होगी। ई-ऑफिस प्रणाली के लिए यलो और ग्रीन पेज के दो विकल्प मौजूद होंगे। यलो पेज पर नई ड्राफ्टिंग होगी और इसे फाइनल करने के लिए जैसे ही डिजिटल हस्ताक्षर किए जाएंगे, पीले रंग का पेज हरे रंग में बदल जाएगा। सचिवालय कर्मचारियों के मुताबिक सेक्शन स्तर से यलो पेज पर फाइल बन कर आगे बढ़ेगी।
ई-फाइल के उच्चाधिकारियों तक जाने और वापस सेक्शन में आने के दौरान किए गए बदलाव फाइल में तो शामिल हो जाएंगे लेकिन यह पता नहीं लग पाएगा कि बदलाव किस स्तर पर किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान यह प्रक्रिया देख चुके अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के तहत ई-फाइल में किए गए बदलावों की जिम्मेदारी उस पर आ जाएगी, जिसने ड्राफ्टिंग की होगी।
नीचे वाला अधिकारी ऊपर वाली फाइल नहीं देख पाएगा
ई-ऑफिस व्यवस्था में नीची रैंक वाला अधिकारी ऊपर के रैंक के अधिकारियों की फाइल नहीं देख पाएगा। सचिवालय प्रशासन के प्रमुख सचिव महेश गुप्ता ने बताया कि यलो पेज को लेकर कर्मचारी बिना वजह आशंकित हैं। इसमें व्यवस्था की गई है कि जैसे ही ड्राफ्टिंग करने वाला अधिकारी डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ई-फाइल को आगे बढ़ाएगा, यलो पेज अपने आप ग्रीन हो जाएगा।
ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर केंद्र सरकार द्वारा नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान के अंतर्गत एनआईसी द्वारा विकसित किया गया है। इस पूरी परियोजना में 57 करोड़ का बजट लगा है।
इन विभागों में ई-आफिस व्यवस्था लागू होगी
मुख्यमंत्री कार्यालय, संस्कृति विभाग, आबकारी विभाग, मत्स्य उत्पादन विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और निर्यात प्रोत्साहन, सूचना, सचिवालय प्रशासन, कार्यक्रम कार्यान्वयन, खेल विभाग, सार्वजनिक उद्यम, युवा कल्याण, दुग्ध विकास, पर्यावरण, नागरिक उड्डयन, खादी एवं ग्रामोद्योग, निर्वाचन, लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल, आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स, भूतत्व एवं खनिकर्म, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, ग्रामीण अभियंत्रण और होमगार्ड।
Published on:
26 Oct 2017 07:53 pm
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