
राफेल डील पर बीजेपी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, तीन चरणों में निकालेगी पदयात्रा
लखनऊ. राफेल डील के मुद्दे पर कांग्रेस ने अब सदन से लेकर सड़क पर भी बीजेपी को घरेगी। कांग्रेस का सेवादल राफेल विमान डील के मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार के खिलाफ चीन चरणों में पदयात्रा करेगी। इसकी शुरुआत शुक्रवार से होगी। शुक्रवार को ये पदयात्रा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से परिवर्तन चौक तक निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद कुमार पाण्डेय करेंगे। यह जानकारी देते हुए यूपी कांग्रेस सेवादल के मीडिया प्रभारी एवं संगठन मंत्री राजेश सिंह ‘काली’ ने बताया कि राफेल विमान डील मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार को कांग्रेस सेवादल बख्शने के मूड में नहीं है एवं कांग्रेस सेवादल इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ने जा रही है जिसकी शुरूआत 7 सितम्बर से लखनऊ से होगी।
राजेश सिंह ‘काली’ ने बताया कि कांग्रेस सेवादल ने पहले चरण में मण्डल स्तर पर, दूसरे चरण में जिला स्तर पर, तीसरे चरण में ब्लॉक/पंचायत स्तर पर जाकर सेवादल के स्वयंसेवक पदयात्राएं निकालकर जनता के बीच जाकर इस कृत्य का पर्दाफाश करेंगे। उन्होने कहा कि यह आम जनता का पैसा है और भाजपा सरकार ने जनता की जेब पर डाका डाला है।
सीएम के बयान पर उठाए सवाल
शिक्षकों को लेकर सीएम योगी पर कांग्रेस ने तामिम सवाल उठाए हैं। प्रदेश प्रवक्ता बृजेंद्र कुमार सिंह ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री बार-बार अलग-अलग क्षेत्रों में जिस प्रकार उपदेशात्मक बातें करते रहते हैं जबकि उन्हें सच्चाई स्वीकार करते हुए पहले उन चीजों को अपने खुद एवं अपनी पार्टी के आचरण में लाना चाहिए, उसके बाद अपनी सोच को दूसरों पर थोपना चाहिए।
जिस तरह से यूपी में शिक्षक भर्तियों में व्यापक पैमाने पर धांधली की खबरें समाचारपत्रों की सुर्खियां बन रही हैं और सहायक शिक्षकों की भर्ती में बिना भाग लिए ही दो अभ्यर्थियों के पास होने एवं दो अभ्यर्थियों के उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कापी मिलने पर अंकित वर्मा को 150 में 122 नम्बर मिले हैं जबकि परिणाम में उसे 22 नम्बर देकर फेल कर दिया गया इसी प्रकार मनोज को स्कैण्ड कापी में 98 नम्बर मिले हैं और उसे 19 नम्बर देकर फेल कर दिया गया है वहीं एक छात्रा सोनिका देवी की कापी ही बदल देने का मामला भी सामने आया है, इससे यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री शिक्षकों और सरकारी शिक्षा के प्रति कितना गंभीर हैं। जब शिक्षकों की भर्ती में इस प्रकार का भ्रष्टाचार किया जा रहा है तो शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में कल्पना की जा सकती है कि किस प्रकार पक्षपातपूर्ण तरीके से यह सरकार विभिन्न परीक्षाओं में धांधलियां कर रही है वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री यह कहकर कि हमारे प्रदेश में योग्य अभ्यर्थियों का अभाव है, शिक्षित बेरोजगार युवाओं का अपमान कर रहे हैं।
Published on:
6 Sep 2018, 9:06 PM IST
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