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कोरोना को मात देकर डिस्चार्ज होने वाले मरीजों को लेकर नई गाइडलाइन, गंभीर रोगी की श्रेणी में आएंगे ऐसे लोग

- New Guideline related to Covid Patients and Test -सामान्य लक्षण दिखने पर डेडिकेटेड अस्पताल में भर्ती किए जाएंगे मरीज -गंभीर रोगी की श्रेणी आएंगे ऐसे लोग - डिस्चार्ज होने वाले मरीज के सामानों को हाईड्रोजन पैरॉक्साइड से किया जाएगा सैनिटाइज
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लखनऊ

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Karishma Lalwani

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Updated: 19 Apr 2021, 10:22 AM IST

कोरोना को मात देकर डिस्चार्ज होने वाले मरीजों को लेकर नई गाइडलाइन, गंभीर रोगी की श्रेणी में आएंगे ऐसे लोग

कोरोना को मात देकर डिस्चार्ज होने वाले मरीजों को लेकर नई गाइडलाइन, गंभीर रोगी की श्रेणी में आएंगे ऐसे लोग

लखनऊ. Covid Guidenline-कोरोना का खात्मा कर अस्पताल से डिस्चार्ज होने वालों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के कपड़े, जूते-चप्पल, मोबाइल व अन्य सामान सेनिटाइजर या हाईड्रोजन पैरॉक्साइड से रोग मुक्त किया जाएगा। स्वस्थ होने वाले मरीजों को होम आइसोलेशन की जानकारी दी जाएगी जिससे कि दोबारा वे कोरोना संक्रमण के दायरे में आने से बचें। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि जिन मरीजों में कोविड के सामान्य लक्षण जैसे कि खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी या लोअर ट्रैक्ट इंफेक्शन के लक्षण नजर आएंगे, उन्हें डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में भेजा जाएगा। अगर किसी व्यक्ति के होम आइसोलेशन की व्यवस्था किसी कारण नहीं है तो उसे एल-1 अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। भर्ती होने के बाद ऐसे मरीजों का तापमान, सांस लेने की दर और ऑक्सीजन सैचुरेशन बढ़ता है तो उसे जरूरत के हिसाब से लेवल-टू और थ्री अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।

गंभीर रोगी की श्रेणी में आएंगे ये लोग

स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार, जिन मरीजों में सुधार की स्थिति नहीं नजर आएगी यानी कि ऑक्सीजन सपोर्ट देने के बाद भी सेचुरेशन मेंटेन नहीं होगा और वेंटिलेटर की जरूरत होगी तो ऐसे मरीजों को गंभीर रोगी की श्रेणी में रखा जाएगा। वहीं, कैंसर, एचआईवी व अंग प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों को हर हाल में लेवल-टू या थ्री अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। ऐसे मरीजों को आईसीयू में रखा जाएगा।

घर-घर जाएगी रैपिड रिस्पांस टीम

नई गाइडलाइन में रैपिड रिस्पांस टीम को घर-घर जाकर होम आइसोलेशन वाले मरीजों की स्थिति का आंकलन करने का निर्देश दिया गया है। जिन जिलों में 100 से 200 नए केस मिल रहे हैं, वहां होम आइसोलेशन के तीसरे दिन रोगी की स्थिति का आकलन किया जाएगा। वहीं, जिलों में सबसे कम मरीज होंगे, वहां तीसरे व सातवें दिन दोबारा टीम घर जाकर संबंधित मरीज के बारे में जानकारी लेगी।

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