
लखनऊ. नोटबंदी और जीएसटी के बाद मोदी सरकार के ताजा बजट को जनविरोधी बताते हुए सीपीआई एम ने लखनऊ में विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया और बजट का पुतला जलाया। पार्टी ने आम चुनाव से पहले मोदी सरकार के इस अंतिम पूर्ण बजट को देशी-विदेशी पूँजी का हितैषी बजट करार दिया है। पार्टी ने इस बजट को देश की मेहनतकश जनता के बड़े हिस्से पर मुसीबतों का पहाड़ टूटने जैसा बताया है। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनविरोधी होने के बावजूद इस बजट को खूब बढ़ा-चढ़ा कर बताया जा रहा है।
पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की लखनऊ जिला कमेटी ने भी केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गए बजट को जनविरोधी बजट बताया है। पार्टी का कहना है कि सरकार द्वारा चुनावी वादे की तरह यह बजट जुमलेबाज बजट है। बजट में जनता को राहत देने वाला कोई कदम नहीं है बल्कि बड़े-बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट है। सरकार के इस बजट ने सभी वर्गों को निराश किया है। आम जनता को महंगाई से राहत देने का कोई कदम इस बजट में दिखाई नहीं दे रहा है।
कार्यकर्ता और पदाधिकारी रहे मौजूद
सीपीआई एम ने केंद्र सरकार के इस बजट के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। शुक्रवार को प्रदर्शन में राज्य कमेटी सदस्य सीमा राना, सीआईटीयू के प्रदेश अध्यक्ष रमाशंकर बाजपेई, किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य प्रवीन सिंह, जिला कमेटी सदस्य प्रवीण पाण्डेय, एडवा की जिला अध्यक्ष सुमन सिंह, एसएफआई के अनुपम यादव, कलम के रिशी व राज आदि शामिल रहे।
Published on:
02 Feb 2018 06:00 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
