
पोस्टमार्टम में हुआ बड़ा खुलासा-नजदीक से मारी गई थी विवेक के सिर में गोली
लखनऊ. विवेक तिवारी की हत्या नजदीक से गोली मार कर की गई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर ने किया है। एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को शुक्रवार देर रात उस समय गोली मार दी गई जब वे अपनी सहकर्मी को उसके घर छोडऩे जा रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि विवेक तिवारी को बेहद करीब से गोली मारी गई थी। लखनऊ के गोमती नगर इलाके में हुए इस सनसनीखेज वारदात के बाद मामला काफी गरमा गया है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर की मानें तो गोली बेहद नजदीक से मारी गई थी। वहीं दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके ऊपर 302 का केस दर्ज किया गया है।
फिर तैश में आकर सामने से उन्हें गोली मार दी
एडीजी लॉ एंड आर्डर आनंद कुमार ने बताया कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से विवेक के चरित्र पर कोई सवाल नहीं उठाए गए हैं। राजधानी के गोमतीनगर शुक्रवार देर रात पुलिस ने एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को संदिग्ध समझकर गोली मार दी। इलाज के दौरान विवेक की मौत हो गई। कार पर फायर करने वाले कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस बीच एकमात्र चश्मदीद सना खान ने बताया, पुलिसवाले ने सिर (विवेक) के कार के आगे बाइक खड़ी की। फिर तैश में आकर सामने से उन्हें गोली मार दी।
इसके बाद विवेक की गाड़ी एक खंबे से टकरा गई
विवेक ने पत्नी को फोन पर बताया था कि वे सना को छोडऩे के बाद घर पहुंचेंगे। इसके बाद गोमती नगर इलाके में पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा, विवेक ने गाड़ी नहीं रोकी तो कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने उन पर गोली चलाई। इसके बाद विवेक की गाड़ी एक खंबे से टकरा गई। गंभीर हालत में विवेक को लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। सुल्तानपुर के रहने वाले विवेक तिवारी एपल कंपनी में एरिया मैनेजर के पद कार्यरत थे। घर में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं।
...तो गोली की बात नहीं बताई गई
विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने ने बताया कि विवेक ने फोन पर बताया था कि वो सना को छोडऩे के बाद घर पहुंचेंगे। मैंने बाद में फोन किया तो एक आदमी ने उठाया जिसने कहा कि एक्सीडेंट हो गया है, लोहिया पहुंचें आप। मैं लोहिया गई तो गोली की बात नहीं बताई गई, कहा गया कि छोटा सा एक्सीडेंट था। बाद में डॉक्टर ने कहा कि उनके सिर पर चोट लगी थी जिसके बाद ब्लीडिंग बहुत हुई और उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उन्होंने कहा,"मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जवाब चाहती हूं, पुलिस ने मेरे पति को मार दिया। अगर वो जैसी भी हालत में थे उन्हें गोली क्यों मारी गई। आरटीओ से नंबर के जरिए पता करते और फिर घर आते। गोली मारने की जरूरत क्यों आई?"
विवेक के ***** ने कहा,"जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां नहीं आते तब शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हमने उन्हें इस दिन के लिए वोट नहीं दिया था। हमें इंसाफ चाहिए, हमें जवाब चाहिए।
Published on:
29 Sept 2018 03:26 pm
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