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Diwali 2019 : वायु प्रदूषण,ध्वनि प्रदूषण व मिलावटी खा़द्य पदार्थ से खराब हो रही सेहत,जाने कैसे

अस्पतालों में बढ़ रही हैं संख्या

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Oct 26, 2019

वायु प्रदूषण,ध्वनि प्रदूषण व मिलावटी खा़द्य पदार्थ से खराब कर रही सेहत,जाने कैसे 

वायु प्रदूषण,ध्वनि प्रदूषण व मिलावटी खा़द्य पदार्थ से खराब कर रही सेहत,जाने कैसे 

लखनऊ , दिवाली शुभ के अवसर पर डिपार्टमेंट ऑफ पल्मोनरी एण्ड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा श्वांस रोगियो, वरिष्ठ नागरिको, बच्चों एंव गर्भवती महिलाओं को जागरुक करने के लिये प्रेस कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कान्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य लोगों को दिवाली के अवसर पर, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और मिलावटी खा़द्य पदार्थ के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव एवं उनसे बचाव के बारे में बताया गया।
वायु प्रदूषण पूरे विश्व की समस्या बन गयी है। हर 10 में से 9 लोग प्रदूषित वायु में रह रहे हैं। हर साल लगभग 70 लाख लोगों की मृत्यु वायुप्रदूषण की वजह से होती है। दिवाली मिठाईयों, प्रकाश एवं पटाखों का त्योहार है। दिवाली का पर्व खुशियां लेकर आता है वहीं पर यह पर्व श्वांस रोगियों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है।
ऐसे होते हैं लक्षण

बदलते हुए मौसम, वायु प्रदूषण, मिलावटी खानें एवं बढ़े हुए पराग कणों के कारण दिवाली के समय अस्पतालों में रोगियों की संख्या बढ जाती है। प्रायः यह देखा गया है कि पटाखों से उठनें वाले धुएं से अस्थमा, एलर्जी एवं सी0ओ0पी0डी0 के मरीजों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। दमा और सी0ओ0पी0डी0 बिमारियों से पीडित मरीजों में सांस फूलना, छाती में जकड़न, खांसी एवं सींटी बजना जैसे लक्षण बढ़ जाते हैं।

हमारे विभाग की ओ0पी0डी0 में हाल ही में इस प्रकार की मरीजों की संख्या में लगभग दो गुनें तक का इजाफा हुआ है।
यह एक लिखित प्रबंधक योजना है। जिसे आप अपने अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद के लिए अपने डा0 की सहायता से बनवाते हैं।

इस प्लान में होते हैं

1. अनुशंसित खुराक और दैनिक दवा की आवृत्तियों।
2. विषेश रुप से बडे हुए लक्षणों के जबाव के लिए घर पर दवाओं को समायोजित करने के लिए।
3. पी0इर्0एफ0 की लिस्टिंग।
4. तीव्र देखभाल की आवश्यकता का संकेत देने वाले लक्षण।
5. आपातकालीन टेलीफोन नं।
6. ट्रिगर की एक सूची जिससे अस्थमा दौरा पड़ सकता है।

सीओपीडी एक्शन प्लान एक गाइड है

1. सामान्य अवधि के दौरान, जब कोई लक्षण बढ जाते है तब भी अपनी चिकित्सा द्वारा सलाह के अनुसार, दवा का उपयोग करना जारी रखें।
2. यदि आपके लक्षण दिन-प्रतिदिन के सामान्य से बदतर हो जाते हैं अपने डॉक्टर से संपर्क करें या अपने नजदीकी आपातकालीन चिकित्सा केंद्र पर जाएॅं।
3. यदि लक्षण अचानक बहुत खराब हो जाते है और आपको सांस की तकलीफ हो जाती है, तो 108 पर कॉल करें या तुरन्त आपातकालीन सहायता प्राप्त करें।

रखे यह सावधानियाँ

श्वास के मरीजों को पटाखों एवं धुए से दूर रहना चाहिए। घर के बाहर व्यायाम करने कि बजाए घर के अन्दर करें।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को घर के अन्दर रखें। खिड़की दरवाजेे बन्द रखें।
घर के बाहर जाना जरूरी हो तो मुंह पे मास्क या रूमाल बाधें, आंखों पर चश्मा लगायें और खुलें में ज्यादा देर तक काम करने से बचे। दवाइयां और इनेहलर समय से इस्तेमाल करे ।डॉक्टर द्वारा अस्थमा एक्शन प्लान के बारे में जाने । ताजे फल सब्जियां और घर में बनी मिठाइयों का इस्तेमाल करें। स्वास्थ्य बिगडनें पर अपने चिकित्सक से मदद लें।

फूड एडल्ट्रेशन

खाद्य पदार्थ में बिना पोषण के तत्वों को मिलाना एवं पोषण के तत्वों को हटाने को फूड एडल्टेªशन कहते हैं। हमारे देश में मिठाइयां घर में बनती थी जिसमें पडने वाले सामग्री के बारे में पूरी तरह से जानकारी होती थी। बढती हुई आय के साथ लोगों में बाहर के खाने एवं मिठाइयों का प्रचलन बढा है। बाहर के ठेलों मिठाई की दुकानों पर घटिया क्वालिटी के सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य प्लेटों को भरना होता है नाकि पोषण प्रदान करना। मिलावटी खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। खानें में मिलावट जानकर या अनजाने में हो सकती है। दिवाली के अवसर पर मुख्यतः दूध में पानी ,एवं खानें वाले रंग एवं मसालों में मिलावट की जाती है।

खानें के तेल में मिलावट से कैंसर,हल्दी में लेड क्रोमेट से खून की कमी पक्षाघात और महिलाओं मे गर्भ में पल रहे बच्चों को क्षति,पानी में लेड के मिलने से फूड मिलने से नींद न आना खून की कमी कब्ज एवं दिमाग पर दुष्प्रभाव,पानी एवं पेय पदार्थाें में कोबाल्ट के मिलावट से दिल की बिमारियाँ,कॉपर,टिन एवं जिंक के मिलावट से उल्टी एवं दस्त,मछलियों में मर्करी की वजह से दिमाग को क्षति एवं मृत्यु तक हो सकती है। खाद्य पदार्थोे में रंगों की मिलावट से एलर्जी लीवर का नुकसान बाँझपन, कैंसर एवं गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चों पर दुष्प्रभाव होता है।

फूड एडल्ट्रेशन से बचने के लिए क्या करें। मिलावट कम मात्रा में भी शरीर को बहुत नुकसान पहुचा सकती। अत भरोसे मंद दुकानों से ही खाद्य सामग्री का क्रय करें। घर में बनी हुई मिठाइयों एवं भोजन का सेवन करें। समान खरीदतें समय पैकिंग को एवं एक्पायरी डेट की जांच करें। अपने आस-पास बिमार पडने वाले रोगियों की जानकारी रखें। निम्न गुणवत्ता वाले दुकानों एवं प्रतिस्ठानों की जानकारी रखें। अपने आस-पास लोगों को मिलावट के बारे में जागरूक करें।