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बर्फबारी के कारण उत्तराखंड के कई गांव हुए खाली, लोगों ने किया पलायन

weather news:उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी से ठंड में काफी बढ़ोत्तरी हो गई है। ठंड के चलते उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लोग गांव खाली कर घाटी क्षेत्रों को पलायन करने लगे हैं। कई गांवों के लोग पूर्व में ही पलायन कर चुके हैं। अब ये गांव बर्फ से ढक जाएंगे।
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लखनऊ

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Naveen Bhatt

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Updated: 19 Oct 2024, 8:46 AM IST

There is migration in many villages of Uttarakhand due to snowfall

जाड़ों के सीजन में उत्तराखंड के उच्च हिमालयी गांवों के लोग निचले इलाकों की ओर पलायन करते हैं

weather news:उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। उत्तराखंड के मुनस्यारी और धारचूला के उच्च हिमालयी इलाकों में शुक्रवार को ताजा हिमपात हुआ है। गुरुवार को भी इन क्षेत्रों में बर्फबारी हुई थी। नंदा देवी, छिपलाकोट, पंचाचूली, राजरंभा, हसलिंग के साथ सीपू व मार्छा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी ताजा हिमपात हुआ है। इससे इस पूरे इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दारमा घाटी के समुद्र सतह से 14 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित सीपू गांव में तापमान रात के समय 1 डिग्री तक पहुंच रहा है। बढ़ती ठंड के कारण लोग अब गांवों को छोड़कर निचले इलाकों की ओर पलायन करने लगे हैं। जल्द ही ये तमाम गांव बर्फ से ढक जाएंगे।

01 डिग्री तक पहुंचा तापमान

उत्तराखंड के मार्छा के साथ ही मुनस्यारी के रालम में तापमान न्यूनतम दो डिग्री दर्ज किया गया है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान एक डिग्री भी पहुंचने लगा है। कड़ाके की ठंड के कारण इन गांवों के साथ ही मिलम, लास्पा, मर्तोली, बुई,बिल्जू, लवां,पांछू, गनघर से भी वापस लौट चुके हैं। अब वहां तेजी से बदल रहे मौसम के बाद दारमा व व्यास घाटी के गांवों से भी लोग वापस लौटने लगे हैं। पिछले पांच दिनों से रोज शाम के समय उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में बारिश व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो रहा है।

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बर्फ से ढक जाएंगे घर

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर अब चलता रहेगा। वहां पर अगले छह माह तक तापमान मानइस में रहेगा। इसी के चलते सीमांत के ये गांव अब खाली होने लगे हैं। सर्दियों के सीजन में ये लोग घाटी क्षेत्रों में रहेंगे। लोग जरूरी सामान और मवेशियों को लेकर घाटी क्षेत्रों में निवास करेंगे। करीब छह माह बाद ठंड कम होने पर ये लोग दोबारा उच्च हिमालयी क्षेत्रों की ओर रुख करने लगेंगे। ये व्यवस्था पूर्व से चली आ रही है। जाड़ों के सीजन में उच्च हिमालयी क्षेत्रों के गांव बर्फ से पूरी तरह ढक जाते हैं।