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अभिभावकों को बड़ी राहत:स्कूल आने-जाने के लिए बच्चों को मिलेगा गाड़ी का किराया

Relief To Parents:सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब वाहन का किराया भी मिलेगा। घर से स्कूल की दूरी के आधार पर किराया राशि को तय किया जाएगा। सरकार ने वाहन के किराए के लिए प्रतिदिन की अनुमानित दर भी तय कर दी है। इससे सरकारी स्कूलों के हजारों अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।
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लखनऊ

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Naveen Bhatt

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Updated: 19 Oct 2024, 8:03 AM IST

Children of government schools will get vehicle fare to and from school

बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए वाहन का किराया सरकार देगी

Relief To Parents:सरकारी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों के लिए बड़ी खबर है। उत्तराखंड में अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार वाहन का किराया देगी। शुक्रवार को ननूरखेड़ा स्थित समग्र शिक्षा अभियान मुख्यालय में शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने ऑनलाइन विभागीय समीक्षा के दौरान सभी डीएम को इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। क्लस्तर स्कूल योजना के तहत छात्रों को स्कूल आने-जाने को परिवहन सुविधा या किराया देने का प्रावधान है। इसी को देखते हुए जल्द ही योजना का क्रियान्वयन होने वाला है। राज्य के सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिले से इसका प्रस्ताव तैयार करवाएंगे। उसके बाद वाहन भाड़ा निर्धारित कर योजना शुरू कर दी जाएगी।

प्रतिदिन 110 रुपये तक किराया

क्लस्टर विद्यालय योजना के तहत एक तय क्षेत्र के भीतर स्थित कुछ स्कूलों का विलय कर क्लस्टर स्कूल बनाया जाना है। जहां परिवहन सुविधा मुहैया न हो पा रही हो, वहां प्रतिदिन अधिकतम 110 रुपये तक दिए जा सकते हैं। किराया घर से स्कूल की दूरी के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। इस योजना से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।

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पहाड़ में वाहनों की समस्या

उत्तराखंड के कई पर्वतीय इलाकों में स्कूल अति दुर्गम स्थानों पर बने हुए हैं। उनमें से अधिकांश स्कूलों तक पहुंचने के लिए वाहन मिलने मुश्किल हो जाते हैं। कई रूट ऐसे भी हैं जहां दिन में एक या दो टैक्सियां ही चलती हैं। पर्वतीय इलाकों के स्कूलों में निजी बस या रोडवेज बसों का संचालन भी नहीं होता है। बच्चे कई किमी पैदल चलकर पगडंडियां पार कर स्कूल पहुंचते हैं।